भिवानी: डी.ए.वी. शताब्दी पब्लिक स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया महर्षि दयानन्द सरस्वती का जन्मोत्सव
भिवानी के डी.ए.वी. शताब्दी पब्लिक स्कूल में महर्षि दयानन्द सरस्वती का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। प्राचार्या जगदीप कौर ने यज्ञ और भजनों के साथ छात्रों को स्वामी जी के जीवन मूल्यों और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
स्थानीय डी.ए.वी.शताब्दी पब्लिक स्कूल, कोंट रोड़, भिवानी के प्रागंण में महर्षि दयानन्द सरस्वती का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम का आगाज प्रिसिंपल जगदीप कौर द्वारा यज्ञ करके किया जिसमें विद्यालय के स्टाफ सदस्यों के साथ-साथ छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढक़र भाग लिया। महर्षि दयानन्द के जन्मोत्सव पर अध्यापकों द्वारा सुन्दर ईश्वर स्तुति उपासना मन्त्रों का पाठ किया। इस कार्यक्रम में वक्ता जगदीप कौर ने बच्चों को महर्षि दयानन्द जन्मोत्सव पर बताया कि हमारा दृढ़ विश्वास है कि स्वामी दयानन्द उच्च कोटि के विरक्त और वीतराग महापुरुष थे । जीवन से मृत्युपर्यन्त उन्होंने कभी नारी का सान्निध्य नहीं किया ।
स्वामी जी ने अपने पिता की सम्पत्ति को लात मारी । जीवन में ऐसे अनेक अवसर आये जब उन्हें अपरिमित धन तथा ऐश्वर्यपूर्ण जीवन जीने के प्रलोभन दिये गये किन्तु वे इससे सर्वथा असंपृक्त रहे । विद्या और चारित्रिक श्रेष्ठता में वे अद्वितीय थे । संस्कृत ज्ञान में उनका कोई सानी नहीं था । एक समय ऐसा था जब सारा संसार एक ओर था और स्वामी दयानन्द एक ओर थे । उनकी वाणी और लेखन तथा शास्त्रार्थ कौशल सब कुछ असाधारण था । लोगों को अपनी ओर आकृष्ठ करने की उनमें अद्भुत शक्ति थी । जो मनुष्य उनके समक्ष आता, उनसे प्रभावित हुए बिना नहीं रहता । कठिनाइयों से कभी घबराये नहीं बल्कि साहस और वीरतापूर्वक उनका सामना किया ।
महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती एक स्मरणोत्सव है। यह अंधविश्वासों पर सवाल उठाने, बिना किसी भेदभाव के शिक्षा देने और सत्य के मार्ग पर चलने का स्मरण दिलाता है। असमानता से जूझ रही इस दुनिया में, उनका दृष्टिकोण आज भी पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। यह दिन विद्यार्थियों और नागरिकों को समान रूप से अंधविश्वास का त्याग करने, ज्ञान को अपनाने और सामाजिक सद्भाव की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करता है—ठीक उसी तरह जैसे आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती ने परिकल्पना की थी। तर्कसंगत चिंतन और समावेशी शिक्षा की इस भावना को आगे बढ़ाते हुए, डी.ए.वी. इसी विश्वास को दर्शाते हैं कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रत्येक बच्चे के लिए सुलभ, अवधारणा-आधारित और सशक्त होनी चाहिए। जिज्ञासा, स्पष्टता और समान शिक्षण अवसरों को बढ़ावा देकर, डी.ए.वी. अपने बच्चों के लिए सार्थक, भविष्योन्मुखी शिक्षा चाहने वाले अभिभावकों के लिए एक विश्वसनीय विकल्प बना हुआ है। डी.ए.वी. की ओर से महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं—ज्ञान, सत्य और सही चिंतन का प्रकाश प्रत्येक शिक्षार्थी को उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाए। विद्यालय मिडिया प्रभारी राजेश कुमार मुखी ने बताया कि स्वामी जी में महापुरुषों के सभी गुण विद्यमान थे।
कार्यक्रम में अध्यापकवृन्द ने भी अपने सुन्दर स्वर में मन्त्रोच्चारण किया। इस अवसर पर अध्यापकवृन्द में जयबीर सिंह, संगीता वर्मा, सुनीता देवी, राजेश कुमार मुखी, अमिता परूथी, राजेश शर्मा, अर्चना, प्रियंका शर्मा, सविता, ज्योति, टीनू शर्मा, नीरू, अनिता, मोनिका, रजनी, राजबाला बल्हारा, नीतू महता, नीरज, शुभम् कार्यालय स्टाफ से रितु, प्रीतम सिंह, वीना वर्मा, उर्मिला यादव और राज रानी, मुकेश शर्मा, प्रेम, धर्मपाल, संदीप, पदम, परमजीत, रजनी, रणधीर, रोहित आदि उपस्थित रहे। इसके पश्चात् विद्यालय के छात्र-छात्राओं और अध्यापकों द्वारा स्वामी दयानन्द की शिक्षाओं से ओत-प्रोत सुन्दर मनमोहक भजन, श्लोक उच्चारण प्रस्तुत कर सभी उपस्थित जनसमूह को आनन्दित कर दिया। कार्यक्रम के अन्त में विद्यालय प्राचार्या जगदीप कौर ने सभी का धन्यवाद किया और शान्ति पाठ किया।