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Cheeka News Haryana: नेत्रहीन होने के बावजूद युगल गर्ग ने पैरा आर्चरी में हासिल किया तीसरा स्थान, परिवार में जश्न का माहौल

चीका के युवा तीरंदाज युगल गर्ग ने अहमदाबाद में जीता कांस्य पदक। घर लौटने पर नागरिकों ने किया भव्य स्वागत।
 

गुहला/चीका : अहमदाबाद में आयोजित वर्ल्ड पैरा आर्चरी सीरीज-2026 में तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक जीतने वाले चीका के युवा तीरंदाज युगल गर्ग के आज चीका पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है। परिवार में खुशियों का माहौल है, वहीं युगल को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

चीका निवासी सुभाष गर्ग के पुत्र युगल गर्ग ने 5 से 9 सितंबर तक अहमदाबाद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। युगल की इस उपलब्धि की जानकारी उनके पिता सुभाष गर्ग ने दी। उन्होंने बताया कि युगल आंखों से देखने में अक्षम है, लेकिन उसने कभी हौसला नहीं छोड़ा। उसकी यही कमजोरी उसकी ताकत बन गई और इसी अक्षमता के कारण वह पैरा आर्चरी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सका।

सुभाष गर्ग ने बताया कि युगल ने कोच सचिन के मार्गदर्शन में लंबे समय तक कड़ी मेहनत और नियमित अभ्यास किया। मेहनत, आत्मविश्वास और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर उसने वर्ल्ड पैरा आर्चरी सीरीज में तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक जीता। उन्होंने कहा कि युगल ने न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे चीका क्षेत्र और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।

युगल की सफलता पर क्षेत्रवासियों ने खुशी जताते हुए कहा कि उसकी उपलब्धि अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा है। आज चीका पहुंचने पर परिजनों, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों ने उसका गर्मजोशी से स्वागत किया और बधाई दी।

हरविन्द्र सिंह धंजू की उपलब्धि भी रही प्रेरणादायक

गौरतलब है कि चीका क्षेत्र का पैरा खेलों से गौरवपूर्ण संबंध रहा है। पैरा ओलंपिक में हरविन्द्र सिंह धंजू ने तीरंदाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के साथ-साथ चीका क्षेत्र का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया था। अब युगल गर्ग ने वर्ल्ड पैरा आर्चरी सीरीज में कांस्य पदक जीतकर इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया है। क्षेत्रवासियों ने युगल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वह आने वाले समय में देश के लिए और बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगा।