चंडीगढ़ में किसानों का बड़ा प्रदर्शन: व्यापार समझौते और नीति का विरोध
चंडीगढ़ में 30 हजार किसानों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और लैंड पूलिंग नीति के विरोध में किया मार्च। पढ़ें किसान नेताओं की मुख्य मांगें और प्रदर्शन का अपडेट।
चंडीगढ़: भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते और पंजाब सरकार की नई लैंड पूलिंग नीति के विरोध में शुक्रवार को पंजाब की विभिन्न किसान जत्थेबंदियों ने चंडीगढ़ में जोरदार प्रदर्शन किया. भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) की अगुवाई में सुबह सेक्टर-34 के प्रदर्शनी मैदान में धरना दिया गया, जिसके बाद किसान मटका चौक तक रोष मार्च के लिए रवाना हुए. प्रदर्शन को देखते हुए पूरे रूट पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया. 30 हजार के करीब किसान चंडीगढ़ के एक्सिबिशन ग्राउंड में इकठा हुए.
चंडीगढ़ में किसानों का प्रदर्शन: किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि यदि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लागू होता है, तो इसका सबसे ज्यादा असर किसानों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा. उनका कहना था कि सस्ते विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आने से स्थानीय किसानों की आय प्रभावित होगी और छोटे कारोबारियों के सामने भी संकट खड़ा हो जाएगा. उन्होंने केंद्र सरकार से इस समझौते को लागू नहीं करने की मांग की.
भारत अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध: उगराहां ने पंजाब सरकार की नई लैंड पूलिंग पॉलिसी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि किसान पहले ही इस नीति का विरोध कर चुके हैं और सरकार को इसे तुरंत वापस लेना चाहिए. उनका कहना था कि खेती की जमीन किसानों की आजीविका का आधार है और ऐसी नीतियां उनके हितों के खिलाफ हैं. उन्होंने बढ़ती महंगाई का मुद्दा भी उठाया. उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय हालात, विशेषकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, का असर आम लोगों पर पड़ रहा है और लगातार बढ़ रही महंगाई से लोगों को राहत देने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए.
भारी पुलिसबल रहा तैनात: प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहे. सेक्टर-34 से मटका चौक तक मार्च के रूट पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया.