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झज्जर: छारा मंडी में गेहूं उठान न होने से आढ़ती परेशान; दी सामूहिक सुसाइड की चेतावनी

छारा अनाज मंडी में गेहूं उठान रुकने से लाखों का नुकसान। आढ़तियों ने प्रशासन को दी सामूहिक आत्महत्या की चेतावनी। बारिश से फसल खराब होने का डर।

 

झज्जर: छारा अनाज मंडी में गेहूं उठान की समस्या बढ़ती जा रही है। शनिवार को आढ़ती जिला उपायुक्त से जल्द समाधान की मांग की। मंडी आढ़तियों ने चेतावनी दी कि जल्द गेहूं उठान की व्यवस्था नहीं की गई तो वे मंडी में सामूहिक आत्महत्या करने को मजबूर होंगे।

आढ़तियों का आरोप है कि समय पर गेहूं का उठान नहीं होने के कारण मंडी में हजारों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है जिससे बारिश के चलते भारी नुकसान हो रहा है। आढ़ती नरेंद्र ने बताया कि बारिश के कारण अब तक करीब 30 लाख रुपये से अधिक का गेहूं खराब हो चुका है। मौसम विभाग ने आगे भी बारिश की संभावना जताई गई है जिससे नुकसान और बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

ट्रक चालक राजू ने बताया कि वह ट्राले में माल भरकर सुबह झज्जर से रोहतक आ रहे थे। जब मायना गांव के पास पहुंचे तो इंजन से धुआं निकलने लगा। उन्होंने ट्राला सड़क किनारे खड़ा कर दिया। राहगीरों की मदद से आग पर खुद ही काबू पा लिया।

मुख्यमंत्री को पूरी स्थिति से अवगत कराएंगे आढ़ती
उन्होंने कहा कि बार-बार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। आढ़तियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एसडीएम को छोड़कर आज तक कोई बड़ा अधिकारी, मंत्री या जनप्रतिनिधि मंडी की स्थिति देखने नहीं पहुंचा। उनका कहना है कि मंडी में किसानों और आढ़तियों दोनों की हालत खराब हो चुकी है। किसान अपनी फसल के भुगतान के लिए चक्कर काट रहे हैं जबकि सरकार की ओर से भुगतान गेहूं गोदाम में पहुंचने के बाद ही किया जाता है। ऐसे में आढ़तियों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मंडी आढ़तियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द गेहूं उठान की व्यवस्था नहीं की गई तो वे मंडी में सामूहिक आत्महत्या करने को मजबूर होंगे।