Nutritionist Advice Updates 2026: सिर्फ मसल्स बनाने के लिए नहीं, बल्कि इन कामों के लिए भी जरूरी है प्रोटीन, जानिए सही मात्रा
हमारे शरीर में प्रोटीन की पूर्ति को लेकर लोग अक्सर काफी लापरवाही बरतते हैं। दरअसल, ज्यादातर भारतीयों की थाली में प्रोटीन को ज्यादा तरजीह तभी दी जाती है जब उन्हें अपना वजन घटाना हो या फिर मांसपेशियों (Muscles) को टोन करना हो, लेकिन आपके शरीर को इस अहम न्यूट्रिएंट्स की जरूरत उससे कहीं ज्यादा होती है। इसके साथ ही लोग अक्सर प्रोटीन की सही मात्रा को लेकर भी उलझन में रहते हैं। यह समझना बेहद जरूरी है कि प्रोटीन के ग्राम का मतलब किसी फूड के कुल वजन से नहीं, बल्कि उसमें मौजूद शुद्ध प्रोटीन की मात्रा से होता है। उदाहरण के लिए—एक अंडे का वजन तकरीबन 60 ग्राम तक हो सकता है, लेकिन उसमें केवल 6 से 8 ग्राम ही वास्तविक प्रोटीन पाया जाता है।
🧬 प्रोटीन की क्यों होती है जरूरत? सिर्फ मसल्स बनाने तक सीमित नहीं है इसका काम
शरीर के विकास में प्रोटीन की भूमिका:
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ओवलर ग्रोथ और रिपेयर: प्रसिद्ध न्यूट्रिशनिस्ट गीतिका चोपड़ा के अनुसार, प्रोटीन हमारी बॉडी के लिए सिर्फ मसल्स बनाने तक लिमिटेड नहीं है, बल्कि यह मसल्स रिपेयर, इम्यूनिटी, हॉर्मोन, एंजाइम और ओवरऑल ग्रोथ में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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उम्र के हिसाब से जरूरत: बच्चों को शारीरिक विकास (Growth and Development) के लिए, टीनएजर्स को प्यूबर्टी के दौरान मसल्स और टिश्यूज के विकास के लिए, तथा वयस्क लोगों को मांसपेशियों की मेंटेनेंस के साथ ही बॉडी रिपेयर के लिए प्रोटीन की आवश्यकता होती है।
📊 उम्र और वजन के मुताबिक तय करें प्रोटीन की सही मात्रा
विभिन्न आयु वर्ग के अनुसार प्रोटीन इनटेक:
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स्वस्थ वयस्क (Healthy Adults): सामान्य तौर पर उम्र और वजन के हिसाब से बात करें तो स्वस्थ वयस्क लोगों को कम से कम 0.8 ग्राम प्रति किलोग्राम बॉडी वेट के हिसाब से हर दिन प्रोटीन इनटेक लेना चाहिए। इसे इस तरह समझें कि यदि किसी वयस्क का वजन 60 किलो है, तो उसे लगभग 48 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन चाहिए होता है।
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बुजुर्गों के लिए: ढलती उम्र के साथ बुजुर्गों में मसल्स लॉस (Muscle Loss) होने लगता है। इस वजह से उन्हें अक्सर 1 से 1.2 ग्राम प्रति किलोग्राम बॉडी वेट के हिसाब से प्रोटीन की जरूरत हो सकती है, हालांकि यह उनके किडनी फंक्शन और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।
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प्रेग्नेंसी और स्तनपान: गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माओं (Breastfeeding Mothers) के लिए प्रोटीन की दैनिक जरूरत बढ़कर लगभग 71 ग्राम तक हो सकती है।
⚖️ कैसे तय करें कि आपको कितना प्रोटीन चाहिए? इन कारकों पर रखती है निर्भरता
प्रोटीन की आवश्यकता तय करने वाले फैक्टर्स:
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शारीरिक गतिविधि और लाइफस्टाइल: एक्सपर्ट का कहना है कि प्रोटीन की जरूरत केवल उम्र के हिसाब से तय नहीं की जा सकती। इसके लिए शरीर का वजन, रोजाना की जाने वाली फिजिकल एक्टिविटी, हेल्थ कंडीशन और लाइफस्टाइल भी मायने रखते हैं।
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एक्साइज करने वाले लोग: जो लोग रोजाना कसरत या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं, उन्हें सामान्य से अधिक प्रोटीन की आवश्यकता होती है। इसके लिए महंगे प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेना अनिवार्य नहीं है, बल्कि आप अपनी डाइट में प्रोटीन-रिच नेचुरल फूड्स को शामिल कर सकते हैं।
🥣 भारतीय थाली में शामिल प्रोटीन के बेहतरीन सोर्स; ऐसे बांटें अपना मील
डाइट में प्रोटीन शामिल करने के सही तरीके:
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शाकाहारी और मांसाहारी सोर्स: भारतीय थाली में कई ऐसी चीजें शामिल हैं जो प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत हैं। इनमें दाल, राजमा, छोले, चना, पनीर, दही, दूध, सोयाबीन, टोफू, अंडे, चिकन और फिश को अपनी डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
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मील को बांटकर खाएं: न्यूट्रिशनिस्ट गीतिका चोपड़ा सलाह देती हैं कि प्रोटीन की मात्रा को एक ही मील में पूरा करने के बजाय ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर में बांट लेना चाहिए। इससे शरीर इसे आसानी से डाइजेस्ट कर पाता है और इसका पूरा फायदा मिलता है। यह हमेशा ध्यान रखें कि प्रोटीन केवल मसल्स बनाने के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य और सही बॉडी फंक्शनिंग के लिए भी बेहद जरूरी है।