Can We Drink Milk in Fatty Liver: फैटी लिवर के मरीज पी सकते हैं दूध या करना चाहिए परहेज, जानिए एक्सपर्ट की राय
आज भारत में ज्यादातर लोग फैटी लिवर का शिकार हैं. खराब खानपान और फिजिकली एक्टिव न होने की वजह से लिवर की हेल्थ कम उम्र में भी खराब होने लगी है. इसमें सबसे ज्यादा होने वाली समस्या फैटी लिवर की है. इसके बढ़ने पर लिवर से मिलने वाले पोषक तत्वों पर असर पड़ता है. कम उम्र में ही स्किन का डल नजर आना, हर समय एसिडिटी या अपच जैसी कई दिक्कतें शरीर में लगातार होने लगते हैं.
इसलिए फैटी लिवर अगर अल्ट्रासाउंड में निकले तो खानपान का खास ख्याल रखने की सलाह दी जाती है. इसी से जुड़ा एक सवाल है कि फैटी लिवर होने पर दूध पीना चाहिए या नहीं. चलिए आपको डॉक्टर के जरिए इसका जवाब देते हैं…
फैटी लिवर होने पर दूध पीना चाहिए या नहीं
डॉक्टर कुणाल दास (डायरेक्टर, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एंड एंडोस्कोपी, यशोदा मेडिसिटी) कहते हैं कि फैटी लिवर होने का मतलब यह नहीं है कि मरीज को दूध पूरी तरह छोड़ देना चाहिए. अगर दूध आसानी से पचता है और उससे कोई परेशानी नहीं होती, तो इसे सामान्य मात्रा में लिया जा सकता है. हां, दूध का चुनाव करते समय उसकी फैट और कैलोरी पर ध्यान देना जरूरी है. खासकर ऐसे मरीज जिनका वजन ज्यादा है या जिन्हें डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उनके लिए टोंड या लो-फैट दूध एक बेहतर विकल्प हो सकता है.
फैटी लिवर में अक्सर मरीज किसी एक चीज को लेकर परेशान रहते हैं कि क्या खाना है और क्या बिल्कुल नहीं खाना है. लेकिन लिवर पर असर सिर्फ दूध या किसी एक खाद्य पदार्थ से नहीं पड़ता. ज्यादा मीठा खाना, शुगर वाली ड्रिंक्स, तला-भुना और जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेना ज्यादा बड़ी चिंता है. इसलिए दूध बंद करने के बजाय पूरी डाइट को संतुलित करना ज्यादा जरूरी है.
लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले रखें खास ख्याल
अगर किसी को दूध पीने के बाद गैस, पेट फूलना या दस्त जैसी शिकायत होती है, तो यह लैक्टोज इनटॉलरेंस की वजह से हो सकता है. ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेकर दूध की मात्रा कम करने या दूसरे विकल्प लेने पर विचार किया जा सकता है.
फैटी लिवर में सबसे अहम चीज वजन को नियंत्रित रखना और नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करना है. रोज की डाइट में छोटे-छोटे बदलाव और नियमित व्यायाम लिवर में जमा फैट को कम करने में काफी मदद कर सकते हैं.
इसलिए मरीजों को डरने या अनावश्यक रूप से कई चीजें छोड़ने के बजाय अपनी पूरी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना चाहिए.