{"vars":{"id": "123258:4912"}}

Anil Vij on Rahul Gandhi: राहुल गांधी बब्बर शेर होते तो चुनाव में ढेर न होते- अनिल विज

हरियाणा के मंत्री अनिल विज का राहुल गांधी पर तंज- "बब्बर शेर होते तो ढेर न होते"। नगर निगम चुनाव, परिसीमन और वायरल ट्रांसफर लेटर पर विज ने दी अपनी प्रतिक्रिया।

 

अंबाला : हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने राहुल गांधी पर जुबानी हमला करते हुए कहा कि राहुल गांधी कई चुनाव हार चुके हैं। अगर राहुल गांधी बब्बर शेर होते तो ढेर न होते। इस दौरान नगर निगम चुनावों को लेकर कहा कि विपक्षी पार्टियां केवल चुनावों के समय ही सक्रिय होती हैं, जबकि बीजेपी का कार्यकर्ता 365 दिन जनता के बीच रहता है। वही परिसीमन के मुद्दे को लेकर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी है। 

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा है कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी से डर नहीं लगता, बल्कि मोदी जी को कांग्रेस से डर लगता है क्योंकि बब्बर शेर उन्हें पकड़ लेगा और कार्रवाई होगी, जिस पर तंज कसते हुए कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि यही कारण है कि राहुल गांधी जी हर प्रदेश में ढेर हो रहे हैं, राहुल गांधी कई चुनाव हार चुके हैं। विज बोले कि अगर राहुल गांधी बब्बर शेर होते तो ढेर न होते।

नगर निगम चुनावों की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल विज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहती है। विज ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियां केवल चुनावों के समय ही सक्रिय होती हैं, जबकि बीजेपी का कार्यकर्ता 365 दिन जनता के बीच रहता है। अनिल विज ने दावा किया कि जिस तरह प्रदेश की जनता ने विधानसभा और पिछले स्थानीय निकाय चुनावों में पीएम मोदी की नीतियों और राज्य सरकार के विकास कार्यों पर मुहर लगाई थी, उसी तरह आगामी नगर निगम चुनावों में भी कमल खिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंबाला समेत प्रदेश के सभी नगर निगमों में विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाएगा और जनता विपक्ष के झूठे वादों में आने वाली नहीं है।

 हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विज ने परिसीमन के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताया है। उन्होंने कहा कि परिसीमन का उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर क्षेत्रों का संतुलन बनाना है, ताकि हर नागरिक को समान प्रतिनिधित्व मिल सके। अनिल विज ने यह भी स्पष्ट किया कि यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है और इसे निष्पक्ष तरीके से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि परिसीमन से लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी तथा विकास कार्यों में भी संतुलन आएगा। 

हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के विभागो में तबादलों को लेकर एक चिट्ठी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस पत्र में विभाग के भीतर हुए सीधे तबादलों पर कड़ी आपत्ति जताई गई थी। अब इस पूरे मामले पर खुद अनिल विज ने सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। विज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। 

उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम के मुताबिक, विभाग में किसी भी स्तर पर होने वाले तबादले विभागीय मंत्री के संज्ञान में होने चाहिए और उनके कार्यालय के माध्यम से ही आगे बढ़ने चाहिए। अनिल विज ने कहा बताया कि उन्हें कुछ ऐसी शिकायतें मिली थीं जहाँ नियमों को ताक पर रखकर सीधे तबादले किए गए थे। इसी को देखते हुए उन्होंने लिखित निर्देश जारी किए हैं कि भविष्य में सभी प्रक्रियाएं तय सिस्टम के तहत ही हों। विज ने साफ कर दिया कि व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।