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AJL केस में भूपेंद्र हुड्डा और मोती लाल वोहरा को बड़ी राहत, कोर्ट ने किया दोषमुक्त

पंचकूला की अदालत ने AJL प्लॉट आवंटन मामले में पूर्व CM भूपेंद्र हुड्डा और मोती लाल वोहरा को किया डिस्चार्ज। CBI के बाद ED केस में भी मिली बड़ी कानूनी राहत।

 

पंचकूला : इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। भूपेंद्र हुड्डा और मोती लाल वोहरा को एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से जुड़े मामले में अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने दोनों नेताओं को आरोपों से मुक्त कर दिया, जिससे इस बहुचर्चित मामले में उन्हें कानूनी राहत मिली।

यह मामला AJL की संपत्तियों और उनके कथित दुरुपयोग से जुड़ा था, जिसमें कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के नाम सामने आए थे। अदालत के इस फैसले के बाद हुड्डा और वोहरा के खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही समाप्त हो गई है। इस निर्णय को कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है। 

यह मामला पंचकूला के सेक्टर-6 में लगभग 3,360 वर्ग मीटर के सरकारी भूखंड के आवंटन से जुड़ा है। आरोप था कि भूखंड के पुनः आवंटन में अनियमितताएं बरती गईं। सीबीआई ने इस मामले में भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित चार वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाया था। उस समय हुड्डा मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HUDA) के पदेन अध्यक्ष भी थे।

उन्होंने कहा कि यह केस कई सालों से सीबीआई और ईडी कोर्ट में चल रहा था और दोनों मामले लम्बित थे। उन्होंने कहा कि पहले सीबीआई के मामले में आरोप मुक्त किया गया और अब AJL ईडी  मामले को लेकर भी इन्हें आरोप मुक्त किया गया है । इन दोनों मामलों को लेकर हमने यहां भी एप्लीकेशन लगाई थी और दोनों मामलों में उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है।