हरियाणा: कुलदीप बिश्नोई से मिले CM नायब सैनी; भजनलाल पुण्यतिथि से पहले बड़ी सियासी हलचल
भजनलाल पुण्यतिथि से पहले सीएम नायब सैनी ने दिल्ली में कुलदीप बिश्नोई से की मुलाकात। रेखा शर्मा विवाद के बाद भाजपा और बिश्नोई परिवार के बीच एकजुटता का संदेश।
हिसार : हरियाणा की राजनीति में चर्चित बने रेखा शर्मा-भजनलाल विवाद के बीच मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सोमवार को भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई से उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की।
मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने कुलदीप बिश्नोई, उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई, बेटे भव्य बिश्नोई और विधायक रणधीर पनिहार के साथ लंच भी किया। इस मुलाकात की जानकारी स्वयं कुलदीप बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर साझा की। कुलदीप बिश्नोई ने अपने संदेश में लिखा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी एक मिलनसार, मृदुभाषी और सरल व्यक्तित्व के धनी हैं। उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान पारिवारिक और विभिन्न राजनीतिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।
भजनलाल की पुण्यतिथि से पहले बढ़ी राजनीतिक चर्चा
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब 3 जून को पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल की पुण्यतिथि मनाई जानी है। आदमपुर स्थित उनके समाधि स्थल पर बड़ी संख्या में समर्थकों के जुटने की संभावना जताई जा रही थी। माना जा रहा था कि बिश्नोई परिवार इस अवसर पर अपनी राजनीतिक एकजुटता और ताकत का प्रदर्शन करेगा। ऐसे में कार्यक्रम से दो दिन पहले मुख्यमंत्री का कुलदीप बिश्नोई से मिलना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रेखा शर्मा के बयान से शुरू हुआ था विवाद
विवाद की शुरुआत 24 अप्रैल को हुई थी, जब भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने पंचकूला नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल और उनके बेटे चंद्रमोहन का जिक्र करते हुए कहा था कि पहले पंचकूला में उनकी "बदमाशी चलती थी" और वे "बदमाशी करके चुनाव जीतते थे"।
इस बयान के बाद बिश्नोई समाज और भजनलाल समर्थकों ने कड़ा विरोध जताया। कई स्थानों पर शिकायतें दर्ज कराई गईं और एफआईआर की मांग उठी। कुलदीप बिश्नोई ने भी रेखा शर्मा से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की थी। बाद में चंद्रमोहन ने उनके खिलाफ कानूनी नोटिस भेजा और अदालत का रुख किया।
माफी के बाद शांत हुआ मामला
विवाद बढ़ने पर 15 मई को रेखा शर्मा ने अपने बयान पर खेद जताते हुए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। इसके बाद कुलदीप बिश्नोई ने भी उन्हें माफ कर दिया था और मामला शांत होता दिखाई दिया।
पहले भी मनाने पहुंचे थे नायब सैनी
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान हिसार सीट से टिकट नहीं मिलने पर कुलदीप बिश्नोई की नाराजगी की चर्चा रही थी। उस समय भी मुख्यमंत्री नायब सैनी दिल्ली स्थित बिश्नोई हाउस पहुंचे थे और परिवार के साथ नाश्ता कर बातचीत की थी। माना गया था कि भाजपा नेतृत्व ने बिश्नोई की नाराजगी दूर करने की कोशिश की थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री की ताजा मुलाकात भाजपा और बिश्नोई परिवार के बीच मजबूत तालमेल और एकजुटता का संदेश देने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।