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Delhi News: दिल्ली में 'आफ्टरकेयर स्कीम' का ऐलान, 18+ युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 3.5 करोड़ का बजट

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मातृ दिवस पर 'Aftercare Scheme for Young Persons' की घोषणा की। 18 वर्ष से ऊपर के युवाओं को शिक्षा, स्किल और मासिक स्टाइपेंड की मिलेगी मदद।

 

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को मातृ दिवस के अवसर पर आफ्टरकेयर स्कीम फॉर यंग पर्सन्स (Aftercare Scheme for Young Persons) योजना की घोषणा की. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल बच्चों को संरक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर भविष्य देना है, जिसमें कोई भी बच्चा या युवा खुद को अकेला, असहाय या उपेक्षित महसूस न करे. इस योजना के लिए वर्तमान वित्त वर्ष में 3.5 करोड़ रुपये का बजट भी निर्धारित किया है.

मुख्यमंत्री ने रविवार को मातृ दिवस के अवसर पर लाजपत नगर में विलेज कॉटेज होम में नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ आत्मीय मुलाकात की. महिला एवं बाल विकास द्वारा संचालित इस होम में मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ साथ अपनेपन से भरा संवाद भी किया.

आफ्टरकेयर स्कीम की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ताने बताया कि दिल्ली में वर्तमान समय में 88 चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस (सीसीआई) संचालित हैं. इन्हें सरकार और विभिन्न गैर-सरकारी संस्थाएं मिलकर चला रही हैं. इन संस्थानों में 18 वर्ष तक के बच्चों को देखभाल, सुरक्षा, शिक्षा, पुनर्वास और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाती है. इसके अलावा दिल्ली में दो आफ्टरकेयर होम भी संचालित हैं, एक लड़कों के लिए और एक लड़कियों के लिए. यहां 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं को रहने, भोजन, शिक्षा सहायता और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं ताकि वे स्वतंत्र जीवन की ओर आगे बढ़ सकें.

युवाओं के लिए लाई गई नई आफ्टरकेयर योजना

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार बच्चों को केवल संस्थागत देखभाल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने पर लगातार कार्य कर रही है. इसके तहत बच्चों को शिक्षा, लाइफ स्किल्स, व्यावसायिक प्रशिक्षण, करियर एक्सपोजर, काउंसलिंग, व्यवहारिक और भावनात्मक सहयोग, व्यक्तित्व विकास, करियर मार्गदर्शन और पुनर्वास योजना जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. सरकार का प्रयास है कि बच्चे वयस्क होने के बाद आत्मविश्वास के साथ सुरक्षित, स्वस्थ, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जी सकें.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष करीब 150 से 200 युवा 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद चाइल्ड केयर संस्थानों से बाहर आते हैं. संस्थानों में उन्हें कई तरह की सहायता मिलती है, लेकिन बाहर आने के बाद उन्हें पढ़ाई जारी रखने, कौशल प्रशिक्षण लेने, रोजगार पाने, आर्थिक दिक्कतों का सामना करने और स्वतंत्र जीवन शुरू करने जैसी कई चुनौतियों से गुजरना पड़ता है. कई युवाओं को परिवार का पर्याप्त सहयोग या सुरक्षित माहौल भी नहीं मिल पाता.

बच्चों और युवाओं के लिए बड़ा ऐलान

उन्होंने कहा कि स्पॉन्सरशिप और फोस्टर केयर जैसी व्यवस्थाओं के तहत सहायता प्राप्त कर रहे बच्चों और युवाओं को भी वयस्क जीवन में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन, शिक्षा, कौशल विकास और पुनर्वास सहयोग की जरूरत होती है. सरकार की यह योजना ऐसे सभी युवाओं को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने में मदद करेगी.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन सभी परिस्थितियों और युवाओं को वयस्क जीवन में प्रवेश के दौरान निरंतर सहयोग की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन) एक्ट 2015 के तहत ऑफ्टरकेयर स्कीम फॉर यंग पर्सन्स को मंजूरी दी है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य संस्थागत देखभाल छोड़ने वाले युवाओं को आवश्यक सहयोग, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराना है ताकि वे स्वतंत्र, सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ सकें.

मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत पात्र युवाओं को उच्च शिक्षा और कॉलेज अध्ययन के लिए सहायता दी जाएगी. इसके अलावा स्किल डेवलपमेंट और व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. युवाओं को इंटर्नशिप और रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. योजना में आर्थिक सहायता और मासिक स्टाइपेंड का भी प्रावधान रखा गया है. साथ ही मेंटरिंग, काउंसलिंग, करियर गाइडेंस, पुनर्वास सहायता और स्वतंत्र जीवन जीने के लिए जरूरी सहयोग भी प्रदान किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर इमरजेंसी और केस-विशेष सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी.

वर्ष 2026-27 में 3.5 करोड़ रुपये का बजट

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 3.5 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है. योजना के तहत जरूरत के आधार पर युवाओं का आकलन किया जाएगा, पात्र लाभार्थियों की पहचान की जाएगी और उनके लिए व्यक्तिगत देखभाल योजनाएं तैयार किए जाएंगे. राज्य और जिला स्तर पर आफ्टरकेयर सेवाओं की नियमित निगरानी और समीक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि राज्य स्तर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में स्टेट आफ्टरकेयर कमेटी गठित की जाएगी, जो योजना के लिए नीति निर्धारण, निगरानी और सुपरविजन का कार्य करेगी. वहीं, जिला स्तर पर संबंधित जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट आफ्टरकेयर कमेटियां बनाई जाएंगी, जो युवाओं की व्यक्तिगत पुनर्वास आवश्यकताओं का आकलन करेंगी, व्यक्तिगत देखभाल योजनाओं की समीक्षा करेंगी और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की सिफारिश करेंगी.

आफ्टरकेयर युवाओं को मिलेगी ये मदद

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार विभिन्न सरकारी विभागों और सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से आफ्टरकेयर युवाओं को इंटर्नशिप, रोजगार, स्किल प्रोग्राम और आजीविका के अवसरों से जोड़ने के लिए भी निरंतर कार्य करेगी.

मातृ दिवस हमें यह संदेश देता है कि हर बच्चे को सुरक्षा, अपनापन, मार्गदर्शन और आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए. दिल्ली सरकार हर उस बच्चे और युवा के साथ मजबूती से खड़ी है, जिसे जीवन में आगे बढ़ने के लिए सहयोग और सहारे की आवश्यकता है। हमारा प्रयास है कि संस्थागत देखभाल छोड़ने के बाद कोई भी युवा खुद को अकेला महसूस न करे और हर बच्चे को आत्मनिर्भर बनकर बेहतर भविष्य बनाने का समान अवसर मिले.