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फरीदाबाद नेहरू कॉलोनी तोड़फोड़: महापंचायत में सरकार के खिलाफ हुंकार

नेहरू कॉलोनी में तोड़फोड़ के खिलाफ महापंचायत। पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना ने सरकार पर साधा निशाना, अगले रविवार फिर आंदोलन की चेतावनी।
 

फरीदाबाद: फरीदाबाद की नेहरू कॉलोनी में हुई तोड़फोड़ के विरोध में रविवार को एक महापंचायत का आयोजन किया गया. पंचायत में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया. इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी लोगों के समर्थन में पहुंचे. महापंचायत में मौजूद लोगों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे एकजुट होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे और अपना विरोध जारी रखेंगे.

अवतार सिंह भड़ाना ने सरकार पर साधा निशाना: महापंचायत में पहुंचे फरीदाबाद के पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना ने कहा कि, "नेहरू कॉलोनी के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है. जो लोग इस कॉलोनी को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, उनका घमंड भी एक दिन टूटेगा.सरकार को गरीब लोगों की परेशानियों को समझना चाहिए. एक समय था जब फरीदाबाद में उद्योग और रोजगार के बेहतर अवसर थे, लेकिन आज हालात पहले जैसे नहीं रहे हैं."

विकास के नाम पर गरीबों को उजाड़ने का आरोप: वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय प्रताप ने कहा कि, "विकास के नाम पर गरीब लोगों के घर तोड़े जा रहे हैं. पहले कहा गया था कि केवल 40 फुट क्षेत्र में ही कार्रवाई होगी, लेकिन अब लोगों को इससे अधिक क्षेत्र में तोड़फोड़ का डर सता रहा है. यदि 40 फुट जमीन की ही जरूरत थी तो उससे आगे तक निशान क्यों लगाए गए?"

अगले रविवार फिर होगी महापंचायत: साथ ही विजय प्रताप ने घोषणा करते हुए कहा कि, "नेहरू कॉलोनी के लोगों के समर्थन में अगले रविवार को फिर से महापंचायत आयोजित की जाएगी. इस मामले में मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की गई है. साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई गई है ताकि किसी गरीब परिवार के साथ अन्याय न हो."

स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी: वहीं, महापंचायत में मौजूद स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उनके घरों को रातों-रात तोड़ दिया गया. लोगों का कहना है कि घर तोड़ने से पहले सरकार को हमारे रहने की व्यवस्था करनी चाहिए थी. प्रभावित परिवारों ने बताया कि कार्रवाई के बाद कई लोग गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं और उन्हें अपने भविष्य की चिंता सता रही है.

स्थानीय लोगों ने की समाधान की मांग: स्थानीय निवासियों ने सरकार से उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने और प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग की. लोगों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.