Bhupendra Hooda Penal Rent: पूर्व सीएम हुड्डा के 27 लाख से ज्यादा के पीनल रेंट माफी प्रस्ताव पर कैबिनेट में चर्चा संभव
हरियाणा कैबिनेट की बैठक में पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा और राजवीर सिंह का लाखों रुपये का पीनल रेंट माफ करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है।
चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शनिवार को होने वाली महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में कई बड़े प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की चंडीगढ़ स्थित सरकारी कोठी के 27 लाख 17 हजार रुपये के पीनल रेंट (दंडात्मक किराया) को माफ करने के प्रस्ताव पर प्रमुखता से विचार किए जाने की संभावना है। इसके अलावा, हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के पूर्व चेयरमैन राजवीर सिंह के 38 लाख रुपये से अधिक के बकाया पीनल रेंट की माफी का मामला भी इस बैठक में विचार के लिए रखा जा सकता है।
📋 कोठी खाली करने में हुई थी देरी, कुछ मंत्रियों की आपत्ति के कारण टल गया था पुराना प्रस्ताव
मिली जानकारी के अनुसार, भूपेंद्र हुड्डा की कोठी पर यह पीनल रेंट अगस्त 2024 से वर्ष 2025 के अंत तक सरकारी आवास में निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहने के कारण लगाया गया था, क्योंकि उस दौरान उनके पास नेता प्रतिपक्ष का आधिकारिक दर्जा नहीं था। नियमों के मुताबिक अक्टूबर 2024 में नई सरकार बनने के बाद उन्हें 15 दिन के भीतर कोठी खाली करनी थी। हुड्डा द्वारा अनुरोध किए जाने के बाद यह प्रस्ताव कुछ महीने पहले भी कैबिनेट में लाया गया था, लेकिन तीन मंत्रियों की आपत्ति के चलते इसे टाल दिया गया था, जिसे अब दोबारा कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
⚠️ नियमों के तहत तय होता है पीनल रेंट, जानें क्या है प्रावधान
हरियाणा लोक निर्माण विभाग (PWD) के नियमों के अनुसार, नई सरकार के गठन के बाद किसी भी मंत्री या विधायक को 15 दिन के भीतर अपना सरकारी आवास खाली करना अनिवार्य होता है। तय समय सीमा में आवास खाली न करने पर भारी भरकम पीनल रेंट वसूले जाने का नियम है। इसके तहत पहले महीने में सामान्य किराए का 50 गुना, दूसरे महीने में 100 गुना, तीसरे महीने में 200 गुना और चौथे महीने से 400 गुना तक किराया वसूलने का कानूनी प्रावधान तय किया गया है।