Haryana Health Update: हरियाणा में हैपेटाइटिस-बी और सी की रिपोर्टिंग अब अनिवार्य; प्राइवेट अस्पतालों को हर हफ्ते देनी होगी पूरी जानकारी
हरियाणा सरकार ने हैपेटाइटिस के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की एसीएस डॉ. सुमिता मिश्रा ने निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अब हैपेटाइटिस पॉजिटिव मामलों की साप्ताहिक रिपोर्ट देनी होगी। लापरवाही बरतने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय वायरल हैपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (एन.वी.एच.सी.पी.) के तहत राज्य में वायरल हैपेटाइटिस की निगरानी, रिपोर्टिंग और उपचार मॉनिटरिंग व्यवस्था को व्यापक, लागू करने योग्य और परिणाम-आधारित स्वरूप देने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा ने कहा कि नई पहल का उद्देश्य अनुपालन सुनिश्चित करना, रियल-टाइम डाटा एकीकरण स्थापित करना और जांच से उपचार तक की पूरी प्रक्रिया में मौजूद अंतराल को समाप्त करना है।
डा. मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में रिपोर्टिंग व्यवस्था खंडित है और मुख्यतः सरकारी संस्थानों तक सीमित रही है, जबकि निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक प्रयोगशालाओं की भागीदारी अपेक्षित स्तर पर नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हैपेटाइटिस-बी और सी अधिसूचित रोग हैं, इसलिए निगरानी को पूर्ण, बाध्यकारी और परिणामोन्मुख बनाना आवश्यक है।
साप्ताहिकरिपोर्टिंग होगी अनिवार्य: नई व्यवस्था के अंतर्गत राज्य के सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को वायरल हैपेटाइटिस पॉजिटिव मामलों की साप्ताहिक रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में तय समय-सीमा के भीतर देनी होगी। राज्य स्तर से जारी निर्देशों में जिला-वार जिम्मेदारियां निर्धारित की जाएंगी, ताकि डाटा की पूर्णता और शुद्धता सुनिश्चित हो सके। रिपोर्टिंग या कार्यक्रम पर्यवेक्षण में शिथिलता की स्थिति में जवाबदेही तय की जाएगी।