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हरियाणा के अनिल विज की ऑस्ट्रेलिया तक धूम, NRI ने की विशेष मुलाकात

ऑस्ट्रेलिया में भी हरियाणा के मंत्री अनिल विज की लोकप्रियता का डंका। NRI अमरदीप मलिक ने मिलकर जताया सम्मान। जानें क्यों विदेश में भी पसंद किए जाते हैं विज।

 

चंडीगढ़ : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज की लोकप्रियता केवल हरियाणा या भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में बसे भारतीय समुदाय के बीच भी उनकी मजबूत पहचान है। इसका ताजा उदाहरण तब देखने को मिला जब ऑस्ट्रेलिया में हरियाणा व्यापारियों के संगठन के उपाध्यक्ष अमरदीप सिंह मलिक विशेष रूप से हरियाणा पहुंचकर अनिल विज से मिले और उनके प्रति अपनी श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया।

अमरदीप मलिक ने कहा कि वे पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार अनिल विज की गतिविधियों को सोशल मीडिया के माध्यम से फॉलो कर रहे हैं। फेसबुक सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विज के विचार, कार्यशैली और जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है।


गीता जयंती महोत्सव से शुरू हुआ प्रशंसा का सफर

अमरदीप मलिक ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व ऑस्ट्रेलिया में आयोजित गीता जयंती महोत्सव के दौरान उनकी पहली बार अनिल विज के व्यक्तित्व से निकटता बनी। यह आयोजन गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था, जिसमें अनिल विज भी शामिल हुए थे। मलिक के अनुसार उस कार्यक्रम में विज के विचारों, उनकी स्पष्टवादिता और निष्पक्ष सोच ने वहां मौजूद भारतीय समुदाय पर गहरी छाप छोड़ी थी। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले अनेक भारतीय उस समय से ही अनिल विज के प्रशंसक बन गए और आज भी उनके सार्वजनिक जीवन को बड़ी रुचि से देखते हैं।

स्पष्टवादिता और बेबाक नेतृत्व ने बनाया अलग पहचान

अमरदीप मलिक ने कहा कि वर्तमान राजनीति में जहां अधिकांश नेता संतुलित और सीमित बयान देने का प्रयास करते हैं, वहीं अनिल विज अपनी बेबाकी और स्वतंत्र सोच के लिए पहचाने जाते हैं। वे जो सोचते हैं, उसे खुलकर जनता के सामने रखते हैं।
उन्होंने कहा कि यही गुण उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाता है और लोगों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत करता है। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय भी उनके इसी स्पष्ट और निर्भीक व्यक्तित्व की सराहना करते हैं।

विज के गीत भी विदेशों में हैं लोकप्रिय

मलिक ने बताया कि अनिल विज केवल राजनीति के कारण ही नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक और रचनात्मक अभिरुचियों के कारण भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। उनके द्वारा गाए गए गीतों को भी ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय बड़े उत्साह से सुनते हैं। उन्होंने कहा कि यह एक अलग ही पक्ष है जो लोगों को अनिल विज के व्यक्तित्व से और अधिक जोड़ता है तथा उन्हें एक संवेदनशील और बहुआयामी नेता के रूप में स्थापित करता है।


‘दिल में थी मुलाकात की तमन्ना, इसलिए सीधे पहुंचा हरियाणा’

अमरदीप मलिक ने कहा कि लंबे समय से उनके मन में अनिल विज से व्यक्तिगत रूप से मिलने की इच्छा थी। भारत आने के बाद उन्होंने इस इच्छा को पूरा करने का निर्णय लिया और विशेष रूप से उनसे मिलने पहुंचे। मूल रूप से रोहतक से संबंध रखने वाले मलिक ने कहा कि भारत आने के बाद उन्होंने अनेक लोगों से अनिल विज की कार्यशैली, ईमानदारी और जनसेवा के बारे में चर्चा की। लगभग हर व्यक्ति ने उनके बारे में सकारात्मक अनुभव साझा किए।

जनता के लिए हमेशा खुले रहते हैं विज के दरवाजे

मलिक ने कहा कि लोगों से बातचीत के दौरान उन्हें एक बात बार-बार सुनने को मिली कि अनिल विज के पास पहुंचने वाला व्यक्ति कभी निराश होकर नहीं लौटता। आम लोगों की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान का प्रयास करना उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति यही समर्पण उन्हें एक जननेता बनाता है और यही कारण है कि उनकी लोकप्रियता सीमाओं को पार कर विदेशों तक पहुंच चुकी है।उन्होंने अनिल विज को दुबारा ऑस्ट्रेलिया आने का न्योता भी दिया।

‘प्रधानमंत्री मोदी की टीम की बड़ी ताकत हैं अनिल विज’

अमरदीप मलिक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कार्य कर रहे नेताओं में अनिल विज जैसे अनुभवी, ईमानदार और जनसमर्पित व्यक्तित्व विशेष महत्व रखते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं की वजह से जनता का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत होता है। मलिक ने विश्वास जताया कि जनसेवा, पारदर्शिता और स्पष्ट नेतृत्व की राजनीति को जनता हमेशा समर्थन देती है और अनिल विज इसी परंपरा के मजबूत प्रतिनिधि हैं।

विदेशों में भी बढ़ रही हरियाणा के इस जननेता की लोकप्रियता

ऑस्ट्रेलिया से आए अमरदीप मलिक की यह मुलाकात इस बात का प्रमाण है कि अनिल विज की पहचान अब केवल एक राज्य के मंत्री तक सीमित नहीं रह गई है। उनकी कार्यशैली, स्पष्टवादिता, सांस्कृतिक जुड़ाव और जनसेवा का भाव उन्हें देश-विदेश में बसे भारतीयों के बीच एक विशिष्ट पहचान दिला रहा है। हजारों किलोमीटर दूर बसे भारतीयों के दिलों में भी यदि किसी नेता के प्रति ऐसा सम्मान दिखाई दे, तो यह उनकी व्यापक स्वीकार्यता और जनविश्वास का प्रमाण माना जा सकता है।