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हरियाणा PAC का दक्षिण भारत दौरा संपन्न: विधानसभा मीडिया प्रबंधन में होंगे बड़े बदलाव

हरियाणा विधानसभा की प्रेस एडवाइजरी कमेटी का कर्नाटक-तमिलनाडु दौरा पूरा। अध्यक्ष चन्द्र शेखर धरणी ने दक्षिण भारतीय विधानसभाओं के मीडिया मॉडल को सराहा। जानें क्या होंगे बदलाव।

 

चंडीगढ़ : हरियाणा विधानसभा की प्रेस एडवाइजरी कमेटी (पीएसी) का कर्नाटक और तमिलनाडु का महत्वपूर्ण स्टडी टूर पूरा होने के बाद मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ लौट आया। लेकिन इस यात्रा की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसे केवल एक औपचारिक दौरे के रूप में नहीं, बल्कि हरियाणा विधानसभा की मीडिया व्यवस्था, प्रेस समन्वय, सूचना तंत्र और संस्थागत संवाद प्रणाली में संभावित बड़े बदलाव की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

स्टडी टूर से लौटने के बाद पीएसी ने हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने साफ शब्दों में माना कि हरविंद्र कल्याण की दूरदृष्टि, संस्थागत सोच और सकारात्मक नेतृत्व के कारण ही यह महत्वपूर्ण अध्ययन दौरा संभव हो पाया। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रेस एडवाइजरी कमेटी (पीएसी) के अध्यक्ष चन्द्र शेखर धरणी, महासचिव योगिंद्र शर्मा, दिनेश भारद्वाज, राकेश गुप्ता, अनुराग अग्रवाल, गीतांजलि गायत्री, संजीव शर्मा, अनिल गाबा, आशीष वर्मा, थानेश्वर शर्मा, हरियाणा विधानसभा के अंडर सेक्रेटरी नवीन भारद्वाज तथा मीडिया से संबंधित दिनेश शामिल रहे। धरणी ने कहा कि पी ए सी हरियाणा के पिछले चार वर्षों से जो स्टडी टूर लगातार प्रति वर्ष जा रहे हैं,उसका श्रेय पी ए सी के पूरे अध्यक्ष दिनेश भारद्वाज को जाता है।

पीएसी अध्यक्ष चन्द्र शेखर धरणी ने कहा कि यह यात्रा हरियाणा विधानसभा की प्रेस प्रणाली को अधिक आधुनिक, व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक ठोस और दूरगामी पहल है। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत की विधानसभाओं में जाकर यह स्पष्ट रूप से महसूस हुआ कि वहां मीडिया प्रबंधन, सूचना प्रवाह, प्रेस समन्वय, पत्रकार सुविधाएं और प्रशासनिक तालमेल बेहद मजबूत और व्यवस्थित ढंग से संचालित होते हैं।

हरियाणा की पीएसी व्यवस्था बनी मिसाल, कर्नाटक में नहीं है ऐसा मॉडल
चन्द्र शेखर धरणी ने कहा कि हरियाणा विधानसभा में प्रेस एडवाइजरी कमेटी का गठन जिस गंभीरता और संस्थागत सोच के साथ किया जाता है, वह अपने आप में सराहनीय है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक जैसे बड़े राज्य में विधानसभा और मीडिया के बीच बेहतर तालमेल होने के बावजूद वहां प्रेस एडवाइजरी कमेटी गठित नहीं होती, जबकि हरियाणा में यह व्यवस्था मीडिया और सदन के बीच संतुलित, संवादात्मक और जिम्मेदार रिश्ते को मजबूत करती है।

धरणी ने कहा कि पीएसी का असली उद्देश्य केवल प्रेस प्रबंधन नहीं, बल्कि विधानसभा और मीडिया के बीच स्वस्थ संवाद, सामंजस्य और भरोसे की मजबूत नींव तैयार करना है। यही कारण है कि हरियाणा का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है।

हरविंद्र कल्याण को बताया दूरदर्शी, कुशल और संवेदनशील प्रशासक
धरणी ने कहा कि हरविंद्र कल्याण दूरदर्शी, कुशल प्रशासक, सहज और शांत स्वभाव के धनी हैं। उनके कार्यकाल में लगातार दूसरे वर्ष इस प्रकार का अध्ययन दौरा संभव होना इस बात का संकेत है कि वे विधानसभा की कार्यप्रणाली, मीडिया व्यवस्था और संस्थागत विकास को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने यह साबित किया है कि अगर नेतृत्व की सोच सकारात्मक हो, तो विधानसभा जैसे संस्थान केवल परंपरागत ढांचे तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समय के साथ और अधिक पेशेवर, आधुनिक और जनोन्मुखी बन सकते हैं।


मीडिया फ्रेंडली नेतृत्व लोकतंत्र की ताकत: धरणी
धरणी ने कहा कि हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दोनों ही बेहद मीडिया फ्रेंडली हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया से जुड़े लोगों के सुख-दुख में इन दोनों नेताओं की संवेदनशील उपस्थिति देखने को मिलती है, जो आज के राजनीतिक माहौल में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक बात है।
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती केवल सदन की कार्यवाही से तय नहीं होती, बल्कि यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि वह व्यवस्था जनता तक कितनी पारदर्शिता, विश्वसनीयता और गति के साथ पहुंचती है।

दक्षिण भारत की विधानसभाओं से मिले ‘सिस्टम सुधार’ के संकेत
पीएसी के इस अध्ययन दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कर्नाटक और तमिलनाडु की विधानसभाओं में मीडिया प्रबंधन, प्रेस कवरेज, सूचना संप्रेषण, पत्रकार सुविधाएं, संसदीय कार्यप्रणाली और प्रशासनिक समन्वय का गहन अध्ययन किया। धरणी ने बताया कि कर्नाटक विधानसभा में प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की और विधानसभा भवन का विस्तृत दौरा किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में रात्रि भोज भी आयोजित किया गया, जिसने वहां की संस्थागत गरिमा, आत्मीयता और लोकतांत्रिक संस्कृति की गहरी छाप छोड़ी।

अगले दिन कर्नाटक विधानसभा की सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को विधानसभा भवन का विस्तृत भ्रमण करवाया और वहां की संरचना, कार्यशैली, मीडिया सेल, प्रशासनिक ढांचे और प्रेस समन्वय तंत्र के बारे में विस्तार से जानकारी दी। धरणी ने कहा कि इस दौरे से यह साफ हुआ कि यदि मीडिया व्यवस्था को संस्थागत रूप से मजबूत किया जाए, तो विधानसभा और जनता के बीच संवाद और भरोसे को नई ऊंचाई दी जा सकती है।

हरियाणा में बेहतर प्रेस सुविधाओं और समन्वय का खुलेगा रास्ता
धरणी ने कहा कि पीएसी ने इस दौरे के दौरान हर पहलू पर गंभीरता से जानकारी जुटाई, ताकि इन अनुभवों का उपयोग भविष्य में हरियाणा विधानसभा में बेहतर मीडिया समन्वय, मजबूत प्रेस प्रबंधन और पत्रकारों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने में किया जा सके।उन्होंने कहा कि यह यात्रा “देखने-सुनने” तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह व्यवस्था सुधार, संस्थागत संवाद और लोकतांत्रिक सशक्तीकरण की दिशा में एक गंभीर प्रयास बनकर सामने आई है। राजनीतिक और संसदीय हलकों में भी इस स्टडी टूर को हरियाणा विधानसभा की मीडिया नीति और संवाद प्रणाली में भविष्य के सुधारों का आधार माना जा रहा है।

कर्नाटक के आतिथ्य ने जीता दिल
धरणी ने कहा कि आतिथ्य-सत्कार के मामले में कर्नाटक की जितनी प्रशंसा की जाए, कम है। उन्होंने कहा कि वहां प्रतिनिधिमंडल को न केवल तथ्यात्मक, उपयोगी और व्यवस्थित जानकारियां उपलब्ध करवाई गईं, बल्कि जिस आत्मीयता, गरिमा और सम्मान के साथ स्वागत किया गया, उसने पूरे दौरे को और अधिक यादगार बना दिया।उन्होंने कहा कि वहां संवाद की संस्कृति, संस्थागत अनुशासन और अतिथि सत्कार—तीनों का अत्यंत प्रभावशाली संतुलन देखने को मिला।