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इंडिया गठबंधन बैठक: पीएम चेहरे और रणनीति पर मंथन, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा

दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की अहम बैठक में पीएम चेहरे, चुनावी रणनीति और NEET-CBSE विवाद पर चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।

 

दिल्ली में सोमवार (9 जून) को इंडिया गठबंधन की अहम बैठक हुई. इस बैठक में विपक्षी दलों के नेताओं ने गठबंधन की एकता पर जोर दिया. बैठक में कई मुद्दों पर बात की गई. इस दौरान शिवसेना (यूबीटी) ने गठबंधन के पीएम चेहरे का मुद्दा उठाया. पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि गठबंधन को लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री पद का चेहरा तय करने पर विचार करना चाहिए.

संजय राउत ने स्पष्ट किया कि उद्धव ठाकरे अकेले प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार तय नहीं कर सकते. यह फैसला इंडिया गठबंधन के सभी दलों की सामूहिक बैठक और सहमति से होगा. उन्होंने कहा ‘प्रधानमंत्री का चेहरा कौन होगा, इसका निर्णय सभी सहयोगी दल मिलकर करेंगे. अगर नरेंद्र मोदी जैसा एक सामान्य व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बन सकता है, तो गठबंधन में मौजूद अन्य नेता भी इस पद के लिए सक्षम हैं’.

‘अगर मोदी पीएम हो सकते हैं तो…’

जब राउत से कहा कि इंडिया गठबंधन की तरफ से प्रधानमंत्री पद का चेहरा कौन है? और वो किसमें पीएम बनने की क्षमता देखते हैं. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पद का चेहरा उद्धव ठाकरे तय नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने यह कहा है कि इंडिया गठबंधन को एक साथ बैठकर यह तय करना चाहिए और यह एक साथ बैठकर ही तय किया जाएगा. उन्होंने ये भी कहा कि अगर मोदी पीएम हो सकते हैं, तो एक सामान्य इंसान भी हो सकता है.

‘इंडिया गठबंधन पूरी तरह से एकजुट’

इसके साथ ही राउत ने ये भी कहा कि इंडिया गठबंधन पूरी तरह से एकजुट है और लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में अपनी आगे की रणनीति तय करेगा. उन्होंने कहा कि करीब दो दर्जन दलों वाले इस गठबंधन का एकमात्र उद्देश्य सत्ता से भ्रष्टाचारियों और जनता को लूटने वालों को बाहर करना होना चाहिए. उन्होंने कहा कि यही देश की जनता के ‘मन की बात’ है और यही गठबंधन का एक सूत्री एजेंडा होना चाहिए.

शिवसेना सांसद ने दिया तर्क

शिवसेना सांसद ने कहा कि विपक्षी गठबंधन को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को सामने रखकर 2029 के लोकसभा चुनाव का सामना करना होगा. उन्होंने बताया कि (शिवसेना UBT प्रमुख) उद्धव ठाकरे का भी रुख रहा है. उन्होंने तर्क दिया कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित न करना भारी पड़ा था. उन्होंने कहा कि चेहरा सामने न होने की वजह से गठबंधन की चुनावी संभावनाओं को कुछ हद तक नुकसान पहुंचा. उन्होंने कहा कि इसी गलती से सबक लेते हुए वो अब राष्ट्रीय स्तर पर समय रहते चेहरा तय करने की मांग कर रहे हैं.

विपक्षी दलों की एक अहम बैठक

सोमवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में विपक्षी दलों की एक अहम बैठक हुई. इस बैठक में निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल सहित 22 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए. इस बैठक में मतदाता सूचियों के SIR और वोट लूट के मुद्दे पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजने का फैसला लिया गया. इसके साथ ही NEET-CBSE विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग भी की गई.