"अब बहुत हो गया!" CM पद की खींचतान पर भड़के जी. परमेश्वर, सिद्धारमैया और शिवकुमार गुट को दी चेतावनी
कर्नाटक कांग्रेस में लीडरशिप विवाद गहराया! गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार समर्थकों की बयानबाजी पर नाराजगी जताते हुए कहा- 'अब बहुत हो गया, गवर्नेंस पर ध्यान दें'। जानें क्या है पूरा विवाद।
कर्नाटक में सत्तारुढ़ कांग्रेस के अंदर लीडरशिप को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा है, लेकिन अभी तक इसका कोई समाधान नहीं निकल सका है. पिछले दिनों दोनों शीर्ष नेताओं की ओर से कोई समस्या नहीं का दावा किए जाने के बावजूद विवाद की स्थिति बनी हुई है. लीडरशिप के मुद्दे पर लगातार चल रही अटकलों पर नाराजगी जताते हुए, कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा, “अब बहुत हो गया. इसे तुरंत रोकना होगा”.
परमेश्वर ने आज शुक्रवार को पार्टी के लोगों को आगाह करते हुए जोर देकर कहा कि सत्तारुढ़ पार्टी की एनर्जी अंदरूनी राजनीति की जगह गवर्नेंस और डेवलपमेंट पर फोकस होनी चाहिए.
सही समय पर सही फैसला लेगा नेतृत्वः परमेश्वर
राज्य के वरिष्ठ नेता ने यह कहते हुए कि पार्टी नेतृत्व सही समय पर सही फैसला लेगा. साथ ही यह भी कहा कि वह इस मुद्दे को खत्म करने के लिए पार्टी के आलाकमान से भी बात करेंगे.
परमेश्वर ने कहा, “हमारे कांग्रेस अध्यक्ष (मल्लिकार्जुन खरगे) ने तो यहां तक कह दिया है कि सभी को अपना मुंह बंद रखना चाहिए. वह इससे ज्यादा सख्त नहीं हो सकते. बावजूद इसके, नेता और विधायक इस मसले पर लगातार बयानबाजी कर रहे हैं, जो कि सरकार के लिए सही नहीं है. इसे तुरंत रोकना होगा.”
उन्होंने कहा, “हमें प्रशासन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, क्योंकि लोगों की सोच हमारे प्रति अलग है. इसे छोड़कर, हममें से हर कोई इस मसले पर खुलकर अलग-अलग बयान दे रहा है, लेकिन यह ठीक नहीं होगा.” उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि पार्टी आलाकमान यह सब देख रहा है. सही समय पर, इस बारे में मैं आलाकमान से भी बात करूंगा. क्योंकि, बहुत हो गया, अब यह सब खत्म होना चाहिए. लोग हमें देख रहे हैं. उन लोगों की उम्मीदें अलग हैं. हमें विकासकार्यों पर फोकस करना चाहिए.”
CM के बेटे के बयान से बढ़ गया विवाद
उनका कहना है कि आलाकमान को पता है कि कब क्या करना है, और वे उसी हिसाब से काम करेंगे. CM सिद्धारमैया के बेटे और MLC यतींद्र के इस बात पर जोर देने से कि उनके पिता अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा करेंगे, पार्टी के अंदर तनाव फिर से बढ़ गया है.
दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के समर्थक बार-बार यह बयान दे रहे हैं कि उनके नेता ही मुख्यमंत्री बनेंगे. इसके लिए उनका कहना है कि बड़ी संख्या में विधायक उनके साथ हैं. कांग्रेस सरकार ने पिछले साल 20 नवंबर को अपने 5 साल के कार्यकाल का आधा हिस्सा पूरा किया. लेकिन इस बीच मुख्यमंत्री बदलने को लेकर पार्टी के अंदर खींचतान बढ़ गई है.