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कुलदीप बिश्नोई की भाजपा को चेतावनी; कहा- मुझे मजबूर न करें, मैं वही पुराना शेर हूं

भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने पिता चौधरी भजनलाल के अपमान पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने पार्टी नेताओं से माफी की मांग करते हुए कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी।

 

हिसार: हरियाणा की सियासत में चाणक्य कहे जाने वाले पूर्व सीएम स्वर्गीय चौधरी भजनलाल की विरासत पर उठे 4 सवालों ने प्रदेश का सियासी पारा गरमा दिया है। शनिवार को भजनलाल के बेटे एवं भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने पिता के अपमान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अपनी ही पार्टी के नेताओं को चेतावनी दे डाली।

उन्होंने वीडियो जारी कर कहा कि कहा शेर को पिंजरे में रख सकते हैं, लेकिन उसे हाथ लगाने की हिम्मत किसी में नहीं है। मैं वही पुराना बब्बर शेर हूं, मुझे मजबूर न करें कि मैं कोई कड़ा कदम उठाऊं। बिश्नोई ने स्पष्ट किया कि वे भले ही पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं, लेकिन पिता के सम्मान से समझौता उन्हें कतई मंजूर नहीं। वे अमेरिका में हैं। वहीं से उन्होंने वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड की है।

राज्यसभा सांसद रेखा और प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली के बयानों पर कुलदीप ने कहा कि इतिहास कोई अफवाह नहीं होती व जननेता की विरासत कोई खिलौना नहीं। रेखा का वक्तव्य उनकी वैचारिक दरिद्रता और अपरिपक्वता का परिचय है। पद थोपे जा सकते हैं, लोगों के दिलों पर राज करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।

बड़ौली द्वारा कैथल में पूर्व सीएम भजनलाल का नाम अदब से न लिए जाने पर कुलदीप बिश्नोई ने उन्हें भी निशाने पर रखा। कुलदीप ने तल्ख लहजे में पार्टी को उनकी ताकत का अहसास कराते हुए कहा कि हरियाणा मेंमेरा 7.5% व्यक्तिगत वोट है, जो मैंने बीजेपी को ट्रांसफर कराया। इसी वजह से तीसरी बार सरकार बनी। बीजेपी को प्रदेश में खड़ा करने, और दो बार सरकार बनाने में कुलदीप बिश्नोई और भजनलाल समर्थकों का बड़ा योगदान है। घमंड में चौथी बार सरकार नहीं बनेगी। बड़े नेताओं और संघर्षशील लोगों को साथ लेकर चलना ही होगा।

माफी की मांग पर अड़े
कुलदीप ने सीधे तौर पर मांग की है कि रेखा अपने बयान पर माफी मांगें और बड़ौली चौधरी भजनलाल जी का नाम सम्मान से लें। उन्होंने चेतावनी दी कि या तो नोटिस जारी हो या माफी मांगी जाए, वरना यह मामला यहीं शांत होने वाला नहीं है।