Haryana CM Saini Reactions: चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वालों को सीएम सैनी की दो टूक, कहा- संवैधानिक संस्थाओं का करें सम्मान
गुरुग्राम: गुरुग्राम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने SIR को लेकर कांग्रेस और विपक्ष के आरोपों पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि, "विपक्ष बिना तथ्य और सबूत के लोगों को भ्रमित कर रहा है. विपक्ष को तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए."
चुनाव आयोग के सम्मान की बात: मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग को संवैधानिक संस्था बताते हुए उसके सम्मान की अपील की. उन्होंने कहा कि, "चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और CAG किसी राजनीतिक दल या सरकार के नहीं हैं. इन संस्थाओं की विश्वसनीयता देश और लोकतांत्रिक व्यवस्था की संपत्ति है. संस्थाओं के कामकाज पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन गंभीर आरोपों के लिए ठोस सबूत होने चाहिए."
SIR पर चुनाव आयोग की सफाई का हवाला: सैनी ने कहा कि, "SIR को लेकर चुनाव आयोग अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है. हरियाणा में SIR के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 रखी गई है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 6 नवंबर को प्रकाशित होनी है."
कांग्रेस के पुराने कार्यकाल पर निशाना: मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने बिजली और किसानों से जुड़ी पुरानी समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि, "लोग कांग्रेस के कार्यकाल की परेशानियों को भूले नहीं हैं. कांग्रेस के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है और पार्टी को आत्ममंथन करने की जरूरत है."
"विपक्ष कीचड़ से बाहर निकले": सैनी ने विपक्ष की भूमिका पर तंज कसते हुए कहा कि, "जिम्मेदार विपक्ष को आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के आधार पर सरकार से सवाल करने चाहिए. लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी भूमिका निभाने का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते समय प्रमाण सामने रखना जरूरी है."
राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी: वहीं, राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि, "राहुल गांधी को कौन स्क्रिप्ट दे रहा है? कांग्रेस को किसी अच्छे पंडित से हवन करवाकर राहुल के बुद्धि की शुद्धि करवानी चाहिए. "
2029 के चुनाव का भी जिक्र: मुख्यमंत्री ने आगामी 2029 के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि, "जनता कांग्रेस और विपक्ष को जवाब देगी. विपक्ष देश को कमजोर करने वाली राजनीति कर रहा है." इसके साथ ही सैनी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी युवाओं को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि, "विपक्ष को आरोपों की राजनीति के बजाय तथ्यों के आधार पर मुद्दे उठाने चाहिए."