{"vars":{"id": "123258:4912"}}

PU Student Union Elections 2026: पीयू चुनाव में इतिहास; ASF ने पहली बार दृष्टिबाधित छात्र नरेश कुमार को बनाया प्रत्याशी

पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र परिषद चुनाव के लिए ASAP, ABVP, ASF और साखी ने भरे नामांकन। जानें सभी प्रमुख उम्मीदवारों की सूची।
 

चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव को लेकर कैंपस में चुनावी सरगर्मी और तेज हो गई. सोमवार को अलग-अलग छात्र संगठनों ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित किए और फिर उन्होंने नामांकन दाखिल किए. इस बार मुकाबले में ASAP, एबीवीपी, साखी और अंबेडकर स्टूडेंट्स फोरम (ASF) समेत कई संगठन मैदान में हैं. जिसके चलते चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है.

ASAP के आदिल बराड़ ने दाखिल किया नामांकन: ASAP-AAP Student Wing की ओर से अध्यक्ष पद के उम्मीदवार आदिल बराड़ ने नामांकन दाखिल किया. आदिल बराड़ यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (UILS) के पांच वर्षीय लॉ कोर्स के अंतिम वर्ष के छात्र हैं. नामांकन के बाद स्क्रूटनी में उनका नामांकन मंजूर कर लिया गया और उन्हें पैनल नंबर-1 दिया गया. इस दौरान UILS के छात्र और ASAP के समर्थक भी उनके साथ मौजूद रहे. संगठन ने कहा कि उसका फोकस छात्र अधिकार, पारदर्शिता, जवाबदेही और रोजमर्रा की छात्र समस्याओं पर रहेगा.

गुरशरण सिंह ASAP के वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त: इसके अलावा ASAP-AAP Student Wing ने Department of Human Rights and Duties के छात्र गुरशरण सिंह को पंजाब यूनिवर्सिटी का वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त किया है. गुरशरण सिंह ने कहा कि वह फीस, हॉस्टल, शिक्षा, छात्र कल्याण और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए काम करेंगे. उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति केवल चुनाव तक सीमित नहीं होनी चाहिए.

ASF ने पहली बार दृष्टिबाधित छात्र को बनाया उम्मीदवार: अंबेडकर स्टूडेंट्स फोरम (ASF) ने जनरल सेक्रेटरी पद के लिए एमए हिस्ट्री, सेकेंड ईयर के छात्र ब्लाइंड स्टुडेंट नरेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है. ASF के मुताबिक नरेश कुमार पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव लड़ने वाले पहले ब्लाइंड छात्र हैं. वो वर्ष 2022 से दिव्यांग छात्रों के अधिकार, कैंपस में पहुंच, प्रतिनिधित्व और समान अवसर जैसे मुद्दों पर काम कर रहे हैं. ASF ने कहा कि उनकी उम्मीदवारी का उद्देश्य छात्र राजनीति में दिव्यांग विद्यार्थियों की भागीदारी और प्रतिनिधित्व को मजबूत करना है.

साखी ने मनमीत कौर को उतारा: साखी संगठन ने मनमीत कौर को छात्र परिषद चुनाव में उम्मीदवार बनाया है. संगठन के अनुसार मनमीत कौर पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट की बहाली और आरक्षण समेत छात्रों व रिसर्च स्कॉलर्स से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रही हैं. संगठन ने दावा किया कि उन्होंने विभिन्न छात्र आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों में भी भाग लिया है. दीप सिद्धू के भाई मनदीप सिंह सिद्धू ने भी मनमीत कौर के समर्थन में छात्रों से उन्हें वोट देने की अपील की है. साखी ने छात्रों से चुनाव को सिर्फ एक सामान्य चुनाव के तौर पर न देखने और छात्र अधिकारों, लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए मतदान करने की अपील की है.

ABVP के अंकित बिढान ने भी भरा नामांकन: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी अध्यक्ष पद के लिए अंकित बिढान को मैदान में उतारा है. अंकित बिढान सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल इनक्लूजन में शोध कर रहे हैं और पिछले करीब छह साल से विद्यार्थी परिषद के साथ सक्रिय रूप से जुड़े होने की बात कही गई है. नामांकन के बाद स्टूडेंट सेंटर में ABVP समर्थकों ने उनका स्वागत किया. नामांकन के बाद अंकित ने कहा "मेरा फोकस छात्रों और शोधार्थियों के लिए बेहतर, सुरक्षित और सकारात्मक शैक्षणिक माहौल तैयार करने पर रहेगा." पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गौरव वीर सिंह सोहल ने कहा कि ABVP ने पूरे साल छात्रों से जुड़े मुद्दों पर काम किया है और रिसर्च स्कॉलर्स के लिए अलग मेनिफेस्टो भी तैयार किया गया है. उन्होंने छात्र राजनीति में जवाबदेही बढ़ाने के लिए पिछले अध्यक्ष का रिपोर्ट कार्ड जारी किए जाने का भी जिक्र किया.

अन्य उम्मीदवारों की भी तस्वीर साफ: पंजाब यूनिवर्सिटी के बायोफिजिक्स विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार Aakanksha Thakur को उपाध्यक्ष पद के लिए योग्य उम्मीदवार के रूप में प्रोविजनल तौर पर नामित किया गया है. वहीं, विभागीय प्रतिनिधि के लिए Harasees Singh और Jayati के नाम शामिल हैं. इस तरह नामांकन प्रक्रिया के साथ ही पीयू कैंपस में चुनावी मुकाबला धीरे-धीरे साफ होता जा रहा है. अलग-अलग संगठनों के उम्मीदवार अब छात्रों के बीच पहुंचकर अपने मुद्दे और चुनावी एजेंडा रखने की तैयारी में हैं. वहीं एनएसयूआई जोकि एक मजबूत और पुराणी छात्र संगठन है वो दो गुटों में दिखा. जिसके चलते उनकी और से चुपचाप नामांकन भरा गया.