Middle East Crisis: पीएम मोदी ने सऊदी अरब और बहरीन के शासकों से की फोन पर बात; ईरान के हमलों की निंदा और भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच पीएम मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और बहरीन के किंग से बात की। पीएम ने ईरान के हमलों की निंदा की और खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई। जानें भारत की कूटनीतिक रणनीति।
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से मिडिल ईस्ट के हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. इधर ईरान भी लगातार जवाबी हमले कर रहा है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (2 मार्च) को पश्चिम एशिया के दो प्रमुख नेताओं से फोन पर बात की. उन्होंने बहरीन के किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा से बात की . इसके साथ ही उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान से भी बात की.
बात चीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों पर हुए ईरानी हमलों की निंदा की और दोनों देशों में रहने वाले भारतीय समुदाय की कुशलता को लेकर नेताओं से चर्चा की. अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई ने व्यापक पश्चिम एशियाई क्षेत्रको अपनी चपेट में ले लिया है. यह वार्ताएं ऐसे समय में हुई हैं जब क्षेत्र में तनावपूर्ण परिस्थितियां बनी हुई हैं.
हमलों से भारतीय नागरिकों में दहशत
दरअसल बहरीन और सऊदी अरब में लाखों भारतीय नागरिक काम करते हैं. इन देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा भारत सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. प्रधानमंत्री ने दोनों देशों से भारतीय समुदाय की स्थिति के बारे में जानकारी ली और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि किसी भी तनाव का असर उन पर न पड़े. ईरानी हमलों की वजह से भारतीय नागरिकों में दहशत है.
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति से भी की थी बात
इससे पहले रविवार कोप्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से फोको फोन पर बात की थी और यूएई पर हुए ईरीनी हमलों की निंदा की थी. पीएम ने कहा था कि भारत उसके साथ एकजुटता के साथ खड़ा है. उन्होंने जानमाल के नुकसान पर शोक व्यक्त किया था साथ ही खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर भी चिंता जताई थी.
मिडिल ईस्ट में तनाव
दरअसल अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को संयुक्त हमलों में ईरान को निशाना बनाया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और दर्जनों अन्य वरिष्ठ हस्तियां मारी गईं. इसके बाद तेहरान ने जोरदार पलटवार किया. उसने कई देशों को निशाना बनाया. जिसकी खाड़ी देशों ने कड़ी निंदा की है.