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सोनिया गांधी वोटर लिस्ट मामला: राउज एवेन्यू कोर्ट ने मांगी लिखित दलीलें

सोनिया गांधी के वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने लिखित दलीलें मांगी हैं। नागरिकता और चुनावी सूची विवाद पर अब 16 मई को होगी अगली सुनवाई।

 

सोनिया गांधी के वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने एक हफ्ते के अंदर लिखित दलीलें पेश करने को कहा है. शिकायतकर्ता के वरिष्ठ वकील ने अपनी जवाबी दलीलें पूरी कर लीं. शिकायतकर्ता ने कोर्ट में भारतीय चुनाव आयोग की रिपोर्ट पेश करने की भी इजाजत मांगी है. सोनिया गांधी के वकील ने भी कहा कि वह कुछ दलीलें पेश करना चाहते हैं. कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए 16 मई की तारीख तय की है.

याचिका के अनुसार, सोनिया गांधी ने 30 अप्रैल, 1983 को औपचारिक रूप से भारतीय नागरिकता हासिल की थी. हालांकि, याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनका नाम 1980 में ही नई दिल्ली की मतदाता सूची में आ गया था. इससे उस दौरान चुनावी सूचियों में उनके नाम को शामिल किए जाने की वैधता पर सवाल उठते हैं. इन आरोपों का जवाब देते हुए, सोनिया गांधी ने कहा था कि उनके खिलाफ दायर आवेदन बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित है, और इसे कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया.

सबूत पेश नहीं पेश किए थे

सोनिया गांधी ने यह कायम रखा है कि इन आरोपों का कोई तथ्यात्मक और कानूनी आधार नहीं है. अपने जवाब में तर्क दिया कि निचली अदालत ने सही ही यह टिप्पणी की थी कि नागरिकता से जुड़े मामले पूरी तरह से केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूचियों और चुनावी विवादों से जुड़े मुद्दे पूरी तरह से चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और आपराधिक अदालतों के पास ऐसे मामलों में दखल देने या उनके अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण करने की शक्ति नहीं है.

उन्होंने कहा था कि शिकायतकर्ता आरोपों को साबित करने के लिए कोई भी विश्वसनीय दस्तावेजी सबूत पेश करने में विफल रहा है. शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस डॉक्यूमेंट या सबूत पेश नहीं किए गए थे.