{"vars":{"id": "123258:4912"}}

Vinesh Phogat Post on Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड पर भड़कीं विनेश फोगाट, व्यवस्था और सरकार पर दागे तीखे सवाल

जुलाना विधायक विनेश फोगाट ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर केंद्र सरकार पर बोला हमला। देश में बेटियों की सुरक्षा और न्याय प्रणाली पर उठाए सवाल।

 

जींद। उत्तराखंड के चर्चित और संवेदनशील अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर अंतरराष्ट्रीय पहलवान व हरियाणा की जुलाना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने केंद्र सरकार और संपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था पर करारा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक विस्तृत और आक्रामक पोस्ट साझा करते हुए विनेश फोगाट ने देश में बेटियों की सुरक्षा, प्रशासनिक रवैये और न्याय प्रणाली की वर्तमान स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विनेश का यह सख्त बयान अंकिता भंडारी के माता-पिता के लंबे संघर्ष और हाल ही में उन्हें हिरासत में लिए जाने की खबरों की पृष्ठभूमि में सामने आया है।

💬 विनेश फोगाट ने राष्ट्रपति से पूछा सवाल: 'महिला होने के नाते दिल पर हाथ रखकर पूछिए, बेटियों की सुरक्षा के लिए क्या किया?'

अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में विनेश फोगाट ने बेहद भावुक और कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए लिखा कि, "कितने शर्म की बात है कि इस देश में एक बेटी के माता-पिता को न्याय पाने के लिए सालों-साल दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं, जबकि उनकी मासूम बेटी अब इस दुनिया में भी नहीं है। सत्ता के गलियारों में बैठे हुक्मरानों को उनका दर्द महसूस क्यों नहीं होता?" उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए आगे लिखा, "राष्ट्रपति जी, आप तो खुद एक महिला हैं। कभी दिल पर हाथ रखकर अपने आप से पूछिए कि इस देश की बेटियों की सुरक्षा के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं?"

🔍 जानिए क्या था अंकिता भंडारी हत्याकांड और विनेश फोगाट का अब तक का सफर

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली 19 वर्षीय अंकिता ऋषिकेश के वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी, जिसकी सितंबर 2022 में रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके साथियों ने नहर में फेंककर हत्या कर दी थी। इस मामले में अदालत ने पूर्व भाजपा नेता के बेटे पुलकित समेत तीनों मुख्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं, पहलवान से नेता बनीं विनेश फोगाट कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता रही हैं और कुश्ती महासंघ के खिलाफ चले पहलवानों के आंदोलन का प्रमुख चेहरा थीं, जिसके बाद 2024 में उन्होंने जुलाना सीट से जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की।