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बाबा बैद्यनाथ मंदिर: गर्भगृह में मोबाइल बैन, पूरे साल रहेगा बाह्य आर्घ्य

देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में मोबाइल फोन पर लगी रोक। श्रद्धालुओं के लिए 'बाह्य आर्घ्य' की सुविधा पूरे साल मिलेगी। श्रावणी मेले 2026 की तैयारी और नए नियम देखें।

 

झारखंड की पवित्र नगरी देवघर में स्थित भगवान भोलेनाथ के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर (बैद्यनाथ धाम) में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है. मंदिर की सुरक्षा, धार्मिक आस्था और क्राउड मैनेजमेंट को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. अब बाबा मंदिर के गर्भगृह के अंदर श्रद्धालुओं द्वारा मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है.

इसके साथ ही, मंदिर परिसर में अब केवल सावन ही नहीं, बल्कि पूरे साल बाह्य आर्घ्य स्थापित करने के प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है. देवघर समाहरणालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पुरोहितों और पंडा धर्मरक्षिणी सभा के पदाधिकारियों की सहमति के बाद इस निर्णय पर मुहर लगाई गई है. मोबाइल पर प्रतिबंध के पीछे दो सबसे मुख्य कारण हैं.

बाधित होती थी पूजा-अर्चना

गर्भगृह के अंदर मोबाइल पर रोक न होने के कारण कई श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ की पूजा करने के बजाय वहां फोटो खींचने और वीडियो/रील्स बनाने लगते थे. इससे कतार में खड़े अन्य श्रद्धालुओं का समय बर्बाद होता था और गर्भगृह की पूरी व्यवस्था प्रभावित होती थी.

सुरक्षा व्यवस्था का एंगल

विश्व विख्यात मंदिर होने के कारण बाबा बैद्यनाथ धाम की सुरक्षा प्रशासन के लिए सर्वोपरि है. गर्भगृह के संवेदनशील वीडियो और फोटो बाहर आने से सुरक्षा संबंधी खतरा बना रहता था, जिसे देखते हुए यह सख्त फैसला लिया गया है.

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरे साल लगेगा ‘बाह्य आर्घ्य’

बाबा मंदिर की धार्मिक व्यवस्था को सुगम बनाने और हर भक्त को आसानी से जलार्पण का मौका देने के लिए एक और बड़ा बदलाव किया गया है. अब तक मुख्य रूप से सावन के महीने में अत्यधिक भीड़ के कारण मंदिर परिसर में बाह्य आर्घ्य (बाहर से जल चढ़ाने का पात्र, जो पाइप के जरिए सीधे ज्योतिर्लिंग तक जाता है) लगाया जाता था. लेकिन अब श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इसे पूरे साल स्थापित रखने पर सहमति बनी है. भक्तों के सुगम और सुरक्षित जलार्पण के लिए मंदिर परिसर में एक नए फुटओवर ब्रिज का निर्माण भी किया जाएगा.

राजकीय श्रावणी मेला 2026: क्राउड मैनेजमेंट और VIP पूजा पर मंथन

सावन के महीने में देश-विदेश से लाखों कांवरिया सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा धाम पहुंचते हैं. इसी के मद्देनजर उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी (DC) सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक की गई. इस बैठक में पुलिस प्रशासन और पुरोहित समाज ने मिलकर कई अहम बिंदुओं पर रणनीति तैयार की. मेले के दौरान आम भक्तों को परेशानी न हो, इसके लिए ‘शीघ्र दर्शनम’ (पेड कूपन व्यवस्था) और वीआईपी (VIP) पूजा को लेकर कड़े नियम तय किए जाएंगे.

स्टेशनों पर नहीं होगी भगदड़

डीसी सौरभ कुमार भुवानिया ने रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया है. देवघर और आसपास के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती होगी, ताकि भगदड़ जैसी कोई अप्रिय स्थिति न बने. मंदिर परिसर से लेकर मेला क्षेत्र और रेलवे स्टेशनों की हर गतिविधि पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के जरिए चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जाएगी.

टिकट काउंटरों की संख्या बढ़ेगी

देवघर आने-जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशनों पर टिकट काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी ताकि कतारों में लगने वाला समय कम हो सके. इस महाबैठक में लिए गए फैसलों से साफ है कि प्रशासन इस बार के श्रावणी मेले को पूरी तरह हाई-टेक, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए कमर कस चुका है, जिससे बाबा धाम आने वाले किसी भी शिवभक्त को असुविधा का सामना न करना पड़े.