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बड़ा मंगल 2026: हनुमान जी को चोला चढ़ाने की विधि और विशेष लाभ

ज्येष्ठ मास के सातवें बड़े मंगल पर हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है। जानें चोला चढ़ाने की सही विधि, मंत्र और इसे करने के अद्भुत धार्मिक लाभ।

 

ज्येष्ठ माह के मंगलवारों को बड़ा या बुढ़वा मंगल कहा जाता है. पौराणिक मान्यता है कि ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन ही भगवान श्रीराम और उनके परम भक्त हनुमान जी की पहली मुलाकात हुई थी. यही कारण है कि बड़े मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है. आज ज्येष्ठ माह का सातवां बड़ा मंलग है. धार्मिक मान्यता है कि बड़े मंगल के दिन पूजा-अराधना करने से हनुमान जी जल्द प्रसन्न होते हैं.

सातवें बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल (चोला) अर्पित करें. चोला चढ़ाते समय अपनी मनोकामना बोलें. बड़े मंगल के दिन चोला चढ़ाकर हनुमान जी की पूजा करने का विशेष महत्व धर्म शास्त्रों में बताया गया है. बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को चोला अर्पित करने से कुंडली में मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और शनि दोष से मुक्ति मिलती है. साथ ही भय और कष्ट दूर होते हैं.

हनुमान जी को चोला चढ़ाने की विधि

बड़े मंगल के दिन स्नान करने के बाद लाल रंग के वस्त्र धारण करें. इसके बाद हनुमान जी की प्रतिमा पर गंगाजल से अभिषेक करें. इसके बाद सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर सबसे पहले हनुमानजी के चरणों में लगाएं और फिर प्रतिमा पर ऊपर से लेकर पैरों तक उन्हें चोला चढ़ाएं. चोला चढ़ाने के बाद हनुमान जी पर चांदी की वर्क, जनेऊ और साफ वस्त्र चढ़ाएं. 21 या फिर 11 पीपल के पत्तों पर सिंदूर से श्रीराम लिखें.

इसके बाद पीपल के पत्तों को हनुमान जी को चढ़ा दें. हनुमान जी को चने, गुड़, मिठाई, पान और सुपारी चढ़ाएं. फिर धूप जीप लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें. इसके बाद हनुमान जी की आरती करें और उनके चरणों में थोड़ा सा सिंदूर लेकर मस्तिष्क पर लगाएं.

हनुमान जी को चोला चढ़ाने से मिलते हैं ये लाभ

धार्मिक मान्यता है कि जो भी बड़े मंगल के दिन विधि-विधान से हनुमान जी को चोला चढ़ाकर उनकी पूजा-अर्चना करते हैं, उनके सभी दुख दूर हो जाते हैं. भगवान राम की विशेष कृपा बनी रहती है और बिगड़े हुए काम बनने लगते हैं. साथ ही सौभाग्य की प्राप्ति भी होती है.