Dhanteras 2026 Shubh Muhurat Updates: धनतेरस 2026: 1 घंटा 56 मिनट रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त; जानिए अभिजीत और प्रदोष काल का समय
दीपावली का पावन त्योहार समीप आते ही धनतेरस की तैयारियां देश भर में बड़े उत्साह के साथ शुरू हो जाती हैं। सनातन धर्म में धनतेरस (धन त्रयोदशी) का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। इस शुभ दिन पर आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि, धन-वैभव की देवी माता लक्ष्मी और कोषाध्यक्ष कुबेर देव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। इसके साथ ही इस दिन सोना, चांदी, नए बर्तन, वाहन और झाड़ू समेत कई मंगलकारी वस्तुओं की खरीदारी की परंपरा है।
ऐसी मान्यता है कि धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने से घर में सुख, समृद्धि और आरोग्यता आती है। यदि आप भी वर्ष 2026 में धनतेरस की सही तिथि, पूजन के शुभ समय और खरीदारी की वस्तुओं के बारे में जानना चाहते हैं, तो आचार्य मदन मोहन से जानिए इसका पूरा ज्योतिषीय एवं धार्मिक ब्योरा।
🗓️ धनतेरस 2026 कब है? जानें त्रयोदशी तिथि की सही तारीख
कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को लेकर आचार्य मदन मोहन ने शास्त्र सम्मत गणना की जानकारी दी है:
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त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ: कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी।
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त्रयोदशी तिथि का समापन: इस तिथि का समापन अगले दिन 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट पर होगा।
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सही तारीख: शास्त्र विधान के अनुसार, उदया तिथि और प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि का संयोग 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को प्राप्त हो रहा है। अतः धनतेरस का महापर्व 6 नवंबर को ही श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
⏰ धनतेरस 2026 पर पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी-कुबेर देव के पूजन के लिए संध्या काल (प्रदोष काल) का समय अत्यंत फलदायी माना जाता है:
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अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक।
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लक्ष्मी व धन्वंतरि पूजा मुहूर्त: शाम 6 बजकर 02 मिनट से रात 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा।
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कुल अवधि: पूजन के इस मुख्य मुहूर्त की कुल अवधि 1 घंटा 56 मिनट रहेगी।
🛒 धनतेरस पर क्या खरीदना माना जाता है अत्यंत शुभ?
धनतेरस के दिन विशेष वस्तुओं की खरीदारी करने की पौराणिक परंपरा है, जिससे वर्ष भर घर में बरकत बनी रहती है:
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सोना और चांदी: इस दिन सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण या मूर्तियां खरीदना अत्यंत समृद्धिदायक माना जाता है।
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बर्तन और झाड़ू: नए पीतल, तांबे या चांदी के बर्तन खरीदना शुभ होता है। इसके साथ ही झाड़ू खरीदना मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, जिससे दरिद्रता दूर होती है।
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वाहन एवं संपत्ति: नए वाहन, भूमि, मकान या इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की डिलीवरी के लिए यह दिन अति उत्तम है।
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अन्य शुभ सामग्रियां: साबुत धनिया, अन्न (अक्षत), गोमती चक्र, कमलगट्टा और पूजा-पाठ से जुड़ी सामग्री खरीदना भी भाग्यवर्धक माना जाता है। आप अपनी आवश्यकता और बजट के अनुसार इन वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं।