{"vars":{"id": "123258:4912"}}

शुक्रवार को शंख से करें माता लक्ष्मी का अभिषेक, दूर होगी दरिद्रता; जानें पूजन विधि और महत्व

शास्त्रों के अनुसार शंख को माता लक्ष्मी का भाई माना जाता है। जानें शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से लक्ष्मी-विष्णु के अभिषेक की सही विधि, जरूरी सामग्री और इसके चमत्कारी लाभ, जिससे घर में आएगी सुख-समृद्धि।

 

सनातन धर्म में शंख को बड़ा विशेष माना जाता है. इसका उपयोग पूजा-पाठ में हमेशा किया जाता है. मान्यता है कि शंख से निकलने वाली ध्वनि से घर के अंदर की नकारात्मकता दूर हो जाती है. घर के अंदर सकारात्मक ऊर्जा आती है. शंख बजाने से सेहत अच्छी रहती है. शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित किया गया है. इस दिन माता की पूजा और व्रत किया जाता है.

माता लक्ष्मी की पूजा में भी शंख का उपयोग किया जाता है. पूजा में शंक का उपयोग करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, क्योंकि शंख को माता लक्ष्मी का भाई माना जाता है. शुक्रवार को शंख का उपयोग करते हुए माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु का अभिषेक करना चाहिए. आइए जानते हैं अभिषेक की सामग्री के बारे में.

माता लक्ष्मी को शंख है अतिप्रिय

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय लक्ष्मी जी और शंख सागर से निकलकर आए थे. इस प्रकार से शंख को लक्ष्मी जी का भाई माना जाता है. यही कारण है कि माता लक्ष्मी को शंख अतिप्रिय है. मान्यता है कि जिन घरों में शंख से माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है, उन घरों पर माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. पूजा में दक्षिणावर्ती शंख का प्रयोग करना चाहिए.

माता लक्ष्मी की पूजन और अभिषेक की सामग्री

  • तांबे या चांदी के पात्र में गंगाजल
  • कच्चा दूध, दही, घी, शहद और मिश्री
  • माता लक्ष्मी की मूर्ति/चित्र
  • कमल का फूल या गुलाब
  • रोली, सिंदूर, कुमकुम, अक्षत, हल्दी
  • लाल चुनरी, चूड़ी, बिंदी और अन्य सुहाग की चीजें
  • मखाने की खीर, मिश्री, सफेद मिठाई, या श्रीफल
  • गाय का घी धूप, अगरबत्ती, कपूर, और कमलगट्टे की माला

ऐसे करें अभिषेक

धर्म शास्त्रों के अनुसार, एक दक्षिणावर्ती शंख में जल, दूध, दही और घी भरकर भगवान विष्णु या लक्ष्मी जी का अभिषेक करना चाहिए. इससे माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु जल्द प्रसन्न होते हैं. उनके आशीर्वाद से घर में खुशहाली बनी रहती है.