गाजियाबाद: खोड़ा में 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' शुरू; 3 अवैध मदरसे सील, भारी फोर्स तैनात
गाजियाबाद के खोड़ा में सूर्या हत्याकांड के बाद एक्शन। डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़ के नेतृत्व में 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' के तहत 3 अवैध मदरसे सील, ड्रोन से निगरानी और PAC तैनात।
गाजियाबाद जिले के खोड़ा इलाके में सूर्या हत्याकांड के बाद पुलिस और जिला प्रशासन ने अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है. ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत तीन दिनों से इलाके में हिस्ट्रीशीटरों, बदमाशों और असामाजिक तत्वों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस टीमें चिन्हित अपराधियों के घरों पर दबिश दे रही हैं, जबकि संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर उनका सत्यापन भी किया जा रहा है. वहीं मंगलवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खोड़ा के तीन मदरसों को सील कर दिया. इस दौरान भारी संख्या में PAC और RAF के जवान तैनात रहे.
ड्रोन कैमरों से की जा रही निगरानी
डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़ का कहना है कि इलाके में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है. निगरानी बढ़ाने के लिए ड्रोन कैमरों, स्निफर डॉग्स और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है. संवेदनशील इलाकों और कई मकानों की छतों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके.
बता दें कि यह अभियान सूर्या हत्याकांड के बाद शुरू किया गया है. मामले के मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया गया था. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों में डर पैदा करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा.
मदरसों पर नोटिस चस्पा किया गया
डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़ ने बताया कि इलाके में जो भी अवैध रूप से मदरसे चल रहे हैं, उन पर भी कार्रवाई की जा रही है. करीब तीन ऐसे मदरसों को चिन्हित किया गया है, जो अवैध रूप से चल रहे हैं. उन पर कार्रवाई की गई है. उन्हें सील किया गया है और बाकायदा नोटिस चस्पा कर जवाब एक हफ्ते के अंदर मांगा गया है. अवैध मदरसा इसलिए था, क्योंकि इसका पंजीकरण नहीं था, न ही अल्पसंख्यक बोर्ड में रजिस्टर था. प्रशासन कहना है कि अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए इस तरह का ‘ऑपरेशन क्लीन’ लगातार चलाया जाएगा.
बता दें कि प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस ऑपरेशन को तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित किया गया है. पहला, डोर-टू-डोर जाकर अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन करना. दूसरा, अपराध से जुड़े लोगों को थाने बुलाकर उन्हें चेतावनी देना और तीसरा, सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों की जांच कर कार्रवाई करना. अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के साथ-साथ अवैध गतिविधियों और नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाना है.
भारी संख्या में PAC और RAF के जवान तैनात
खोड़ा क्षेत्र में सुरक्षा-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस बल के साथ PAC और RAF को भी मौके पर बुलाया गया है. प्रशासन की ओर से पूरे इलाके में फ्लैग मार्च निकाले जाने की तैयारी की गई है. अधिकारियों का मानना है कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी से कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी और लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी.