{"vars":{"id": "123258:4912"}}

Phone Battery Drain Solutions: सफर के दौरान बार-बार डिस्चार्ज होता है फोन? इन सेटिंग्स को बदलकर बचाएं मोबाइल की बैटरी

क्या आपके फोन की बैटरी भी जल्दी खत्म हो जाती है? जानिए मोबाइल की बैटरी बचाने के और बैकअप बढ़ाने के बेहद आसान और असरदार तरीके।
 

आजकल के स्मार्टफोन फीचर्स के मामले में काफी आगे निकल चुके हैं. फोन भले ही बहुत स्मार्ट हो गए हों लेकिन इनकी बैटरी उतनी समझदार नहीं है. सुबह घर से निकलते समय फोन 100 प्रतिशत चार्ज रहता है. दोपहर होते-होते बैटरी 30 प्रतिशत पर आ गिरती है. ये एक ऐसी दिक्कत है जिससे लगभग हर स्मार्टफोन यूजर परेशान है. हर नया ऐप, सॉफ्टवेयर अपडेट, फोन में आने वाले नोटिफिकेशन आपकी बैटरी को धीरे-धीरे चूसते रहते हैं.

खासकर जब आप सफर कर रहे हों, कहीं बाहर हों या घर की बिजली गुल हो गई हो, तब फोन की बैटरी खत्म होना एक बड़ा सिरदर्द बन जाता है. सबसे ज्यादा दुख तब होता है जब इमरजेंसी के वक्त फोन साथ छोड़ देता है. हर दिन बैटरी सेविंग मोड के सहारे फोन चलाना कोई पक्का समाधान नहीं है. अगर आप भी इस टेंशन से गुजर रहे हैं, तो कुछ आसान लेकिन बेहद असरदार तरीके अपनाकर अपनी जिंदगी आसान बना सकते हैं. कुछ ऐसी छोटी-छोटी ट्रिक्स हैं जिन्हें अक्सर हम नजरअंदाज कर देते हैं.

ऑटो ब्राइटनेस फीचर को तुरंत करें बंद

ज्यादातर लोग अपने फोन में ऑटो-ब्राइटनेस सेटिंग को ऑन रखते हैं. ये फीचर भले ही सुनने में काफी स्मार्ट लगता है लेकिन असल में ये बैटरी का बड़ा दुश्मन है. ये फोन की स्क्रीन को कई बार जरूरत से ज्यादा ब्राइट कर देता है. इसके कारण बैटरी का लेवल बहुत तेजी से गिरने लगता है. बेहतर बैटरी बैकअप के लिए हमेशा ब्राइटनेस को मैनुअली सेट करें. इसे लो या मीडियम पर रखें. जब आपको सच में तेज रोशनी की जरूरत हो, तभी ब्राइटनेस बढ़ाएं.

बैकग्राउंड ऐप्स पर लगाएं सख्त लगाम

कई बार हम किसी ऐप को इस्तेमाल करने के बाद उसे स्क्रीन से हटा देते हैं. हमें लगता है कि ऐप बंद हो गया है लेकिन वो बैकग्राउंड में लगातार चलता रहता है. ये बैकग्राउंड ऐप्स चुपचाप फोन की बैटरी खाते रहते हैं. इससे बचने के लिए फोन की सेटिंग में जाएं. वहां बैटरी यूसेज चेक करें. जो ऐप्स आपके काम के नहीं हैं, उन्हें फोर्स स्टॉप कर दें. आप फोन सेटिंग से ऐसे ऐप्स का बैकग्राउंड यूसेज भी पूरी तरह रोक सकते हैं.

लोकेशन के साथ ब्लूटूथ की सेटिंग बदलें

हम कैब बुक करने के लिए या मैप देखने के लिए फोन की लोकेशन सर्विस ऑन करते हैं. कई बार ईयरबड्स कनेक्ट करने के लिए ब्लूटूथ ऑन किया जाता है. काम खत्म होने के बाद हम ऐप तो बंद कर देते हैं लेकिन ये सर्विस चालू रह जाती हैं. कई ऐप्स ऐसे होते हैं जो एक्टिव होते ही बैकग्राउंड में इन ऑप्शंस को खुद ऑन कर देते हैं. बेवजह चालू रहने पर ये फोन की पावर खींचते रहते हैं. जब जरूरत न हो तो लोकेशन, वाईफाई, ब्लूटूथ जैसी सेटिंग्स को बंद करने की आदत डाल लें. इससे बैटरी को काफी आराम मिलेगा.

वाइब्रेशन से होता है बैटरी का बड़ा नुकसान

फोन में आने वाले हर एक नोटिफिकेशन के साथ फोन वाइब्रेट होता है. वाइब्रेशन के लिए फोन के अंदर लगी एक छोटी मोटर एक्टिव होती है. ये मोटर बैटरी की बहुत ज्यादा खपत करती है. इसके अलावा टाइपिंग के दौरान मिलने वाला हैप्टिक फीडबैक भी पावर खींचता है. कॉल या मैसेज के लिए सिर्फ रिंगटोन काफी है. इसलिए बार-बार होने वाले वाइब्रेशन को पूरी तरह बंद कर दें या फिर इसे कम से कम रखें.

पावर चूसने वाले ऐप्स का करें सही इलाज

स्मार्टफोन में मौजूद कुछ ऐप्स बैटरी के लिए किसी विलेन से कम नहीं होते. फेसबुक, स्नैपचैट समेत कई हैवी गेम्स फोन की बैटरी बहुत तेजी से गिराते हैं. अगर आप इन ऐप्स का इस्तेमाल कम करते हैं तो इनके लाइट वर्जन डाउनलोड कर लें. आप चाहें तो फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे ऐप्स को ब्राउजर पर भी चला सकते हैं. अगर आपको हैवी ऐप्स रखना ही है, तो उनका बैकग्राउंड यूसेज रिस्ट्रिक्ट कर दें. इससे ऐप से बाहर निकलते ही वो बैकग्राउंड में भी पूरी तरह बंद हो जाएंगे.