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AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा गिरफ्तार: ग्वालियर से दबोचे गए, जानें पूरा मामला

पंजाब के 'आप' विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ग्वालियर से गिरफ्तार। सितंबर 2025 से फरार विधायक पर दुष्कर्म और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप। पटियाला पुलिस की बड़ी कार्रवाई।

 

लंबे वक्त से फरार चल रहे पंजाब के विवादित विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा आखिरकार गिरफ्तार हो गए हैं. पंजाब पुलिस ने उन्हें मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास से गिरफ्तार किया है. हरमीत सिंह पंजाब के सनौर विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के विधायक हैं.

ऐसे देते रहे धोखा

विधायक पठानमाजरा के खिलाफ पटियाला के सिविल लाइन थाने में एक महिला की शिकायत के आधार पर शारीरिक शोषण के गंभीर आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया था. फरार होने के दौरान पठानमाजरा ने इंटरनेट और सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो पोस्ट किए ताकि ऐसा लगे कि वो विदेश में हैं.

पंजाब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जब हरियाणा के करनाल गई थी, तब वह भाग निकले थे. पुलिस ने तब दावा किया था कि वह करनाल जिले के डाबरी गांव में अपने एक रिश्तेदार के घर पर थे और जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची तो विधायक के समर्थकों ने पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी की थी और पथराव किया था. हालांकि, पठानमाजरा ने पुलिस पर गोलीबारी में शामिल होने के दावों का खंडन करते हुए कहा था कि वह यह पता लगने के बाद भाग गए थे कि उन्हें फर्जी मुठभेड़ में मार दिया जाएगा.

पुलिस की तकनीकी जांच और गुप्त सूचनाओं ने उनकी लोकेशन मध्य प्रदेश में ट्रेस कर ली गई. पठानमाजरा को पंजाब पुलिस ने भगोड़ा भी करार दिया था और उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया था.

सितंबर 2025 से फरार थे हरमीत

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (पटियाला) वरुण शर्मा ने बताया कि पहली बार विधायक बने पठानमाजरा को ग्वालियर से पकड़ा गया और उन्हें वापस पटियाला लाया जा रहा है. पठानमाजरा पिछले साल सितंबर में दर्ज बलात्कार के मामले में वांछित थे. पठानमाजरा के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी देने के आरोप में एक सितंबर 2025 को मामला दर्ज किया था.

यह मामला जीरकपुर की एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया था जिसने आरोप लगाया था कि विधायक ने खुद को तलाकशुदा बताकर उसके साथ संबंध बनाए और पहले से विवाहित होने के बावजूद 2021 में उससे शादी की. महिला ने विधायक पर उसका लगातार यौन शोषण करने, उसे धमकाने और उसे अश्लील सामग्री भेजने का आरोप लगाया. आप विधायक को इस मामले में पेश नहीं होने पर भगोड़ा घोषित कर दिया गया था.