International Deafness Week 2026: हरियाणा में मनाया जा रहा 'अंतर्राष्ट्रीय बधिरता सप्ताह', कान की सेहत को लेकर जारी हुई एडवाइजरी
सरकारी अस्पताल में जाकर अपनी नियमित कान व सुनने की जांच करवाएं : आरती सिंह राव
"अंतर्राष्ट्रीय बधिरता सप्ताह" पर लोगों से की कानों की नियमित जांच की अपील
चंडीगढ़ 21 सितंबर - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की सुनने की समस्या महसूस होने पर तुरंत अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर अपनी नियमित कान व सुनने की जांच करवाएं। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में प्रदेश सरकार द्वारा इसकी जांच और उपचार की उचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा की ओर से 21 से 27 सितंबर 2026 तक 'अंतर्राष्ट्रीय बधिरता सप्ताह' मनाया जा रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों के नाम महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परामर्श जारी करते हुए कहा कि इस वर्ष "बधिर लोगों के मानव अधिकारों की घोषणा" के संदेश के साथ आमजन को सुनने की क्षमता की सुरक्षा और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया है।
आरती सिंह राव ने बताया कि ने सुनने में परेशानी (बधिरता) किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। यदि किसी व्यक्ति को टीवी या ऑडियो का वॉल्यूम बढ़ाने की आवश्यकता महसूस होती है, बातचीत के दौरान बातें ठीक से सुनाई नहीं देती हैं या बार-बार दोहराने को कहना पड़ता है, अथवा कान में सायँ-सायँ या घंटी बजने जैसी आवाजें (रिंगिंग सेंसेशन) महसूस होती हैं, तो यह सुनने की क्षमता कम होने के लक्षण हो सकते हैं।
उन्होंने सुनने की क्षमता में कमी के कारणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कान में चोट लगना, अत्यधिक मैल (वैक्स) जमना, रूबेला या अन्य संक्रमण, वृद्धावस्था, अत्यधिक तेज शोर, और कुछ जहरीली या हानिकारक दवाओं का दुष्प्रभाव बधिरता के मुख्य कारण हो सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने नागरिकों से अपने कानों की देखभाल और बचाव के उपाय अपनाने का आग्रह किया है। उन्होंने परामर्श दिया कि किसी भी कॉन्सर्ट या अधिक शोर-शराबे वाले स्थानों पर इयरप्लग का उपयोग करें, कान के अंदर कभी भी कोई नुकीली या बाहरी चीज न डालें, और तेज शोर से बचते हुए ऑडियो उपकरणों का वॉल्यूम कम रखें।