विपक्ष की आवाज दबाने और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का किया जा रहा है प्रयास : प्रदीप नरवाल
भिवानी :
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल और एनएसयूआई के नेशनल कोर्डिनेटर लक्ष्यजीत सिंह पानू ने एआईसीसी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से शिष्टाचार भेंट की।
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान देश के वर्तमान राजनीतिक हालात, बढ़ते अधिनायकवाद, शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों और आम जनमानस से जुड़े गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में मुख्य रूप से देश में बढ़ती बेरोजगारी, आसमान छूती महंगाई, भ्रष्टाचार और शिक्षण संस्थानों में बेतहाशा फीस वृद्धि जैसे मुद्दों पर चिंता व्यक्त की गई। इसके साथ ही छात्र राजनीति की नर्सरी कहे जाने वाले छात्र संघ चुनावों की बहाली पर भी विशेष जोर दिया गया।
मुलाकात के दौरान एआईसीसी सचिव प्रदीप नरवाल ने प्रियंका गांधी के समक्ष देश में व्याप्त राजनीतिक अस्थिरता और केंद्र सरकार के कथित तानाशाही रवैये का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आज देश का संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाएं खतरे में हैं। नरवाल ने कहा कि आज देश एक अघोषित आपातकाल के दौर से गुजर रहा है। सत्ता पक्ष द्वारा विपक्ष की आवाज को दबाने और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रियंका गांधी के साथ मुलाकात में इस बढ़ते अधिनायकवाद के खिलाफ लड़ाई को और तेज करने की रणनीति पर चर्चा की है। इसके अलावा महंगाई और बेरोजगारी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। हम कांग्रेस नेतृत्व के मार्गदर्शन में इन मुद्दों को लेकर सडक़ से संसद तक संघर्ष करेंगे।
एनएसयूआई के नेशनल कोर्डिनेटर लक्ष्यजीत सिंह पानू ने बैठक में विशेष रूप से छात्र समुदाय और युवाओं की समस्याओं को प्रियंका गांधी के सामने रखा। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में लगातार बढ़ रही फीस और छात्र संघ चुनावों पर लगी रोक को लोकतंत्र के लिए घातक बताया। लक्ष्यजीत सिंह पानू ने कहा कि शिक्षा का जिस प्रकार से बाजारीकरण किया जा रहा है, उससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना सपना होता जा रहा है। शिक्षण संस्थानों में फीस वृद्धि तुरंत वापस होनी चाहिए। इसके साथ ही प्रियंका गांधी से छात्र संघ चुनावों की बहाली पर चर्चा की, क्योंकि यह लोकतंत्र की पहली सीढ़ी है। एनएसयूआई देश भर में छात्रों के अधिकारों और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने के लिए तैयार है।
मुलाकात के अंत में नेताओं ने आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी और उसका छात्र संगठन (एनएसयूआई) प्रियंका गांधी और शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार युवाओं और छात्रों की आवाज़ को बुलंद करते रहेंगे। इस अवसर पर एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव व संगठन प्रभारी नीरज कुंदन, एनएसयूआई हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष अविनाश यादव, दिल्ली विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष राहुल जासला भी मौजूद रहे।