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भारतीय किसान संघ की बैठक: ट्यूबवेल कनेक्शन पर सरकार को घेरा

 

भिवानी:

भारतीय किसान संघ (भाकिसं) ने मंगलवार को स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित अपनी महत्वपूर्ण बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की किसान नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए।

बैठक की अध्यक्षता भाकिसं जिला अध्यक्ष अजमेर तालु और जिला मंत्री जयप्रकाश बराला ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान क्षेत्रीय संगठन मंत्री सुरेंद्र और प्रांत मंत्री व बिजली आयाम प्रमुख महिपाल बड़दू की गरिमामयी उपस्थिति रही।

बैठक में किसानों ने अपनी ज्वलंत समस्याओं को सामने रखा, जिसमें मुख्य रूप से बवानीखेड़ा क्षेत्र में गंभीर जलभराव की समस्या, दक्षिण हरियाणा की मुख्य फसल ग्वार को न्यूनतम समर्थन मूल्य  पर न खरीदना और वर्ष 2018 से लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन का मुद्दा शामिल रहा।
      इस मौके पर भाकिसं के जिला मंत्री जयप्रकाश बराला ने बताया कि दक्षिण हरियाणा में ग्वार एक प्रमुख फसल है, लेकिन इसे एमएसपी के दायरे में नहीं लिया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने केवल कौरी घोषणा की और फिर खरीद से मना कर दिया।

बराला ने यह भी बताया कि वर्ष 2018 से बकाया ट्यूबवेल कनेक्शन किसानों को अभी तक नहीं दिए गए हैं, जबकि किसानों ने इसके लिए पूरा पैसा पहले ही जमा करा दिया है। इस मौके पर कुलदीप महला ने खाद और बीज की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक न लगने पर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह रवैया दर्शाता है कि वह किसानों के हितों के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने बताया कि बैठक का एक मुख्य विषय खेतों में बाढ़ से भरे पानी के कारण किसानों के रास्ते और नालियों का क्षतिग्रस्त होना रहा। भाकिसं ने प्रशासन से इनकी जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
      पराली जलाने के मुद्दे पर भाकिसं ने सरकार के रवैये को किसानों के साथ मज़ाक बताया। संघ ने मांग की थी कि पराली न जलाने पर एक हजार रूपये से बढ़ाकर 1500 प्रति एकड़ का प्रोत्साहन राशि दी जाए, लेकिन सरकार ने केवल 1200 करके किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

इसके अलावा गेहूं के महंगे बीज पर किसानों को सब्सिडी देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई, ताकि छोटे और सीमांत किसानों पर पडऩे वाले वित्तीय बोझ को कम किया जा सके।
      जिला अध्यक्ष अजमेर तालु ने कहा कि किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं और सरकार केवल आश्वासनों तक ही सीमित है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन गंभीर मुद्दों पर जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो भारतीय किसान संघ किसानों के हक के लिए व्यापक आंदोलन शुरू करने पर मजबूर होगा। इस मौके पर जिला मंत्री राज सिंह तालु, राजेश कुमार, रामचंद्र, सुरेंद्र सिंह, मांगे राम सहित अनेक किसान मौजूद रहे।