Shree Agrasen Ramlila Bhivani: भिवानी में चल रहे 11 दिवसीय रामलीला महोत्सव में कलाकारों ने बिखेरे अभिनय के जलवे
भिवानी के सेठ किरोड़ीमल पार्क में आयोजित 11 दिवसीय रामलीला महोत्सव के दूसरे दिन श्रीराम जन्म और ताड़का वध का भव्य मंचन किया गया।
भिवानी में रामलीला महोत्सव का दूसरा दिन : श्रीराम जन्म और ताडक़ा वध का हुआ सजीव मंचन
प्राचीन संस्कृति, संस्कारों और सनातन मूल्यों को जीवित रखने का सराहनीय प्रयास है रामलीला मंचन : श्याम लाल नवेवाला
भिवानी, 13 अक्तूबर : हरियाणा की काशी भिवानी में श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी (रजि.) की ओर से आयोजित 11 दिवसीय संपूर्ण रामलीला महोत्सव एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम दूसरे दिन भी पूरी श्रद्धा, भव्यता और उत्साह के साथ जारी रहा। स्थानीय रेलवे रोड स्थित सेठ किरोड़ीमल पार्क में आयोजित इस महोत्सव में प्रतिदिन रात्रि 7 बजे से रामायण के विभिन्न प्रसंगों का सजीव और प्रभावशाली मंचन किया जा रहा है, जो आगामी 20 अक्तूबर तक चलेगा। महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों द्वारा रामायण के विभिन्न प्रसंगों का बहुत ही प्रभावशाली मंचन किया जा रहा है। इसके साथ ही, बाहर से आए विशेष कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की जा रही आकर्षक कोल्ड आतिशबाजी दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जो इस धार्मिक आयोजन की भव्यता में चार चांद लगा रही है।
श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी (रजि.) भिवानी के प्रधान विजय बंसल टैणी व प्रवक्ता अभिषेक बंसल ने जानकारी दी कि रामलीला मंचन के दूसरे दिन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बुजुर्ग समाजसेवी श्याम लाल नवेवाला रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर और भगवान श्रीराम के चरणों में नमन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आयोजकों ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए समाजहित में उनके योगदान की सराहना की। महोत्सव के दूसरे दिन के मुख्य आकर्षण के रूप में श्रीराम जन्म और ताडक़ा वध के प्रसंगों का अत्यंत सजीव मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय, शानदार संवाद अदायगी और भावपूर्ण प्रस्तुति से उपस्थित दर्शकों को पौराणिक काल की घटनाओं से सीधा जोड़ दिया। मंच पर प्रस्तुत इन धार्मिक प्रसंगों ने जहां श्रद्धालुओं को एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति करवाई, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को और अधिक पावन व आनंदमय बना दिया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि बुजुर्ग समाजसेवी श्याम लाल नवेवाला ने कहा कि रामलीला मंचन हमारी प्राचीन संस्कृति, संस्कारों और सनातन मूल्यों को जीवित रखने का एक अत्यंत सराहनीय प्रयास है। रामलीला केवल एक मंचन नहीं है, बल्कि यह हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, और उनके जीवन-मूल्यों से जोडऩे का एक आध्यात्मिक माध्यम है। आज के इस दौर में नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास और संस्कारों से परिचित कराने के लिए ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का होना बेहद आवश्यक है। वही श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी (रजि.) भिवानी के प्रधान विजय बंसल टैणी ने कहा कि कमेटी का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को उच्च कोटि का धार्मिक और सांस्कृतिक मंच प्रदान करना है। रामलीला के दूसरे दिन श्रीराम जन्म और ताडक़ा वध जैसे प्रेरणादायक प्रसंगों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है।
इस मौके पर कमेटी के महासचिव अधिवक्ता अजय सर्राफ, सह संयोजक प्रवीण गर्ग, उप प्रधान पवन भरतिया व सुरेश डब्बेवाला, कोषाध्यक्ष मामनचंद अग्रवाल तथा सदस्य पवन बुवानीवाला, मुरालीलाल तौला, विनोद गोयल, प्रमोद मिंडूका, उमाकान्त भोली एवं विनोद जैन सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।