ACB Trap Arrest News: भिवानी में ACB का बड़ा एक्शन: राशन डिपो लाइसेंस के नाम पर ₹1 लाख की रिश्वत लेते AFSO रंगे हाथों गिरफ्तार
भिवानी : राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने भिवानी में पदस्थ सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी (AFSO) मुकेश कुमार को एक लाख रुपये की रिश्वत राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अधिकारी पर एक शिकायतकर्ता से राशन डिपो का नया लाइसेंस जारी करवाने की एवज में कुल 1.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का संगीन आरोप है। इस कार्रवाई से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
📋 शिकायत का पूरा ब्योरा: डिपो लाइसेंस के बदले मांगी थी 1.50 लाख रुपये की घूस
मामले की पृष्ठभूमि:
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लाइसेंस की मांग: प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने एसीबी यूनिट को शिकायत दी थी कि उसने सुमन नामक महिला के नाम से राशन डिपो का लाइसेंस जारी करवाने के लिए आवेदन किया था। सुमन ने इस कानूनी और प्रशासनिक कार्य के लिए शिकायतकर्ता को अधिकृत किया हुआ था।
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रिश्वत का सौदा: भिवानी में तैनात एएफएसओ मुकेश कुमार ने डिपो का लाइसेंस जारी करने के बदले 1.50 लाख रुपये की मांग की थी। आरोपी अधिकारी कार्रवाई से पहले ही 20 हजार रुपये की पहली किश्त वसूल चुका था।
🪤 एसीबी की टीम ने बिछाया जाल; ₹1 लाख का भुगतान लेते हुए रंगे हाथों दबोचा
ट्रैप और गिरफ्तारी की कार्रवाई:
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योजनाबद्ध रेड: शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद एसीबी भिवानी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय सौदे के अनुसार शिकायतकर्ता जैसे ही आरोपी एएफएसओ मुकेश कुमार को 1 लाख रुपये की राशि देने पहुंचा, घात लगाकर बैठी एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
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बाकी किश्त का प्लान: सौदे के मुताबिक बाकी बचे 30 हजार रुपये का भुगतान काम पूरी तरह संपन्न होने के बाद किया जाना तय हुआ था।
📜 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत हुई कार्रवाई; हिसार एसीबी थाने में केस दर्ज
कानूनी प्रक्रिया और आगे की जांच:
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कानूनी अनुपालन: एसीबी टीम ने पूरी ट्रैप कार्रवाई के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 105 के तहत निर्धारित सभी कानूनी प्रक्रियाओं और वीडियोग्राफी का कड़ाई से पालन किया।
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धारा 7 के तहत एफआईआर: इस संबंध में थाना एसीबी हिसार में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा 7 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को 5 नवंबर को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की गहन जांच एवं कानूनी कार्रवाई जारी है।