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Haryana Cultural News: भिवानी में इनकम टैक्स कमिश्नर नरेश बंसल और विधायक घनश्याम सर्राफ ने रामलीला महोत्सव में की शिरकत

भिवानी के सेठ किरोड़ीमल पार्क में श्री अग्रसेन रामलीला महोत्सव का आठवां दिन। रावण-अंगद संवाद और लक्ष्मण मूर्छा के जीवंत मंचन ने मोहा दर्शकों का मन।

 

भिवानी में श्री अग्रसेन रामलीला महोत्सव के आठवें दिन छाया उत्साह, रावण-अंगद संवाद और लक्ष्मण मूर्छा के जीवंत मंचन से भावविभोर हुए दर्शक

समाज में भाईचारा और नैतिक मूल्यों की स्थापना करने का माध्यम से रामलीला मंचन जैसे कार्यक्रम : कमीश्रर नरेश बंसल

भिवानी, 19 अक्तूबर : स्थानीय रेलवे रोड स्थित सेठ किरोड़ीमल पार्क में श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी (रजि.) के तत्वावधान में आयोजित 11 दिवसीय संपूर्ण रामलीला महोत्सव एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के 8वें दिन दर्शकों का भारी उत्साह देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए गए धार्मिक प्रसंगों ने उपस्थित जनसमूह को पूरी तरह भावविभोर कर दिया। रामलीला मंच पर रावण-अंगद संवाद, लक्ष्मण मूर्छा और हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाने जैसे प्रमुख प्रसंगों का अत्यंत सजीव मंचन किया गया। इस दौरान पूरा पार्क परिसर जय श्रीराम और जय हनुमान के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो गया। कार्यक्रम में दिल्ली के सीनियर इनकम टैक्स कमीश्रर नरेश बंसल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता और सान्निध्य भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ का रहा। वही विशिष्ट अतिथि के तौर पर समाजसेवी मीनू अग्रवाल, नीलम जैन, रमेश बंसल, सूर्यांश अग्रवाल, संदीप पीटीसी, हर्षवर्धन मान पहुंचे। श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी के प्रधान विजय बंसल टैणी और प्रवक्ता अभिषेक बंसल ने मुख्य अतिथियों का भव्य स्वागत किया और रामलीला के इन पावन प्रसंगों की रूपरेखा सांझा की।

 इस मौके पर मुख्य अतिथि नरेश बंसल ने इस भव्य आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, संस्कारों और सनातन मूल्यों की जीवंत पाठशाला है। ऐसे आयोजनों से समाज में भाईचारा और नैतिक मूल्यों की स्थापना होती है। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में युवा अपनी जड़ों और संस्कारों से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे में रामलीला जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन युवाओं को सही मार्ग दिखाने में अहम भूमिका निभाते हैं। विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन चरित्र हर युग के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि रामलीला के माध्यम से हमारी प्राचीन संस्कृति और धार्मिक धरोहर पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित आगे बढ़ रही है, जो आज के समय में बेहद सराहनीय पहल है।

इस मौके पर श्री अग्रसेन रामलीला कमेटी के प्रधान विजय बंसल टैणी और प्रवक्ता अभिषेक बंसल ने आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य आज की नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और उनके जीवन मूल्यों से अवगत कराना है। रामलीला के इन प्रमुख प्रसंगों विशेषकर रावण-अंगद संवाद और लक्ष्मण मूर्छा का मंचन समाज को सत्य, धर्म, कर्तव्यपरायणता और अटूट भाईचारे का संदेश देता है। रावण और अंगद के बीच का संवाद जहां अहंकार के पतन और बुद्धि एवं अडिग संकल्प की विजय को दर्शाता है, वहीं लक्ष्मण मूर्छा और संजीवनी बूटी लाने का प्रसंग संकट के समय एकजुटता, अटूट निष्ठा और सेवा भाव की प्रेरणा देता है।

अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के अभिनय और आधुनिक प्रकाश एवं ध्वनि व्यवस्था ने इन दृश्यों को और अधिक प्रभावशाली बना दिया, जिससे दर्शक पूरी तरह मंत्रमुग्ध नजर आए। इस मौके पर कमेटी के महासचिव अधिवक्ता अजय सर्राफ, सह संयोजक प्रवीण गर्ग, उप प्रधान पवन भरतिया व सुरेश डब्बेवाला, कोषाध्यक्ष मामनचंद अग्रवाल तथा सदस्य पवन बुवानीवाला, मुरालीलाल तौला, विनोद गोयल, प्रमोद मिंडूका, उमाकान्त भोली एवं विनोद जैन सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।