थाना बवानी खेड़ा पुलिस ने बलजीत हत्या मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी, न्यायालय में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।
भिवानी के बवानी खेड़ा में पुरानी रंजिश के चलते युवक की हत्या। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया, रिमांड पर पूछताछ जारी।
पुलिस अधीक्षक भिवानी श्री सुमित कुमार, आईपीएस के निर्देशन में संगीन अपराधों में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना बवानी खेड़ा पुलिस ने मारपीट के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
शिकायतकर्ता मोनू पुत्र राजेंद्र निवासी वार्ड नंबर 13 बवानी खेड़ा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि लगभग 6 वर्ष पूर्व होली के दिन गांव बवानी खेड़ा में दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था। उस झगड़े में लगी चोटों के कारण सुरेश व मनदीप की मृत्यु हो गई थी, जिस संबंध में थाना बवानी खेड़ा में मुकदमा दर्ज हुआ था। उक्त मामले में शिकायतकर्ता पक्ष को सजा हुई थी तथा वर्तमान में वे उच्च न्यायालय से जमानत पर बाहर हैं। इसी पुरानी रंजिश के चलते 12 जुलाई 2026 की रात जब शिकायतकर्ता अपने गांव पहुंचा तो आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर लाठी-डंडों व अन्य हथियारों से जान से मारने की नीयत से उस पर एवं उसके साथी पर हमला कर दिया, जिससे दोनों को गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान बलजीत की मृत्यु हो गई थी
मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना बवानी खेड़ा के प्रबंधक उप निरीक्षक सुरेश कुमार ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रीतम पुत्र राजकुमार संदीप पुत्र राजकुमार दीपक पुत्र राजकुमार राजकुमार पुत्र जयराम निवासी वार्ड नंबर 14 बवानी खेड़ा के रूप में हुई है।
गिरफ्तार आरोपियों को आज माननीय न्यायालय में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
रिमांड के दौरान होगी गहन पूछताछ
पुलिस रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। साथ ही वारदात में प्रयोग किए गए हथियारों की बरामदगी के लिए भी प्रयास किए जाएंगे तथा मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक भिवानी श्री सुमित कुमार, आईपीएस ने जिले के सभी थाना प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि संगीन अपराधों में वांछित आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाए, उन्हें समय पर माननीय न्यायालय में पेश किया जाए तथा पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना सुनिश्चित किया जाए।