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Khari Kui Mastan Gali Katha: पितृपक्ष के अवसर पर भिवानी में धार्मिक आयोजन, कथा व्यास गोवर्धन आचार्य दे रहे हैं जीवनोपयोगी संदेश

भिवानी के बिचला बाजार स्थित खारी कुई मस्तान गली में 7 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा शुरू। रंगनाथ मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
 

भिवानी के बिचला बाजार में 7 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा शुरू, रंगनाथ मंदिर से निकली कलश यात्रा

श्रीमद्भागवत कथा में चंडी मानस आरोग्य समिति हरियाणा दे रही सेवा, संस्कार और जागरूकता पर जोर

भिवानी, 27 सितंबर : पितृपक्ष के अवसर पर स्थानीय बिचला बाजार स्थित बिचला बाजार स्थित खारी कुई मस्तान गली में 7 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को कलश यात्रा से शुरू हुआ यह धार्मिक आयोजन 3 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 3:15 बजे से 6:15 बजे तक आयोजित होगा। कलश यात्रा की शुरूआत बिचला बाजार स्थित रंग नाथ मंदिर से शुरू हुई तथा विभिन्न मार्गो से होते हुए बिचला बाजार स्थित खारी कुई मस्तान गली में संपन्न हुई। श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन में कालीचरण भालिया, विनोद भालिया, विनीता भालिया एवं नितिन भालिया की प्रमुख भूमिका रही। कार्यक्रम में क्षेत्र के पार्षद आकाश मस्ता, संजीव भारद्वाज एवं प्रदीप भारद्वाज सहित अनेक गणमान्य नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। कथा व्यास गोवर्धन आचार्य द्वारा श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों, भगवान की लीलाओं तथा धर्म, संस्कार और सदाचार से जुड़े जीवनोपयोगी संदेशों का श्रवण कराया जा रहा है।

कथा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी प्रतिदिन कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। इस आयोजन में चंडी मानस आरोग्य समिति हरियाणा का सहयोग भी रहा। समिति सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में सेवा, संस्कार, सद्भाव और सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। समिति द्वारा विशेष रूप से मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, आत्महत्या रोकथाम, परिवारों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तथा जरूरतमंदों के सहयोग जैसे विषयों पर कार्य किया जा रहा है।

इसके साथ ही समिति के विभिन्न आयामों के माध्यम से भोजन सेवा, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जागरूकता, रक्तदान एवं सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। चंडी मानस आरोग्य समिति हरियाणा के सदस्य अमित आचार्य ने कहा कि समिति का प्रयास है कि सेवा को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जाए और धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में संवेदनशीलता, सहयोग और संस्कार की भावना को मजबूत किया जाए। आयोजकों ने समस्त क्षेत्रवासियों से आग्रह किया कि वे परिवार सहित कथा में पहुंचकर श्रीमद्भागवत का श्रवण करें, पितरों का स्मरण करें तथा धर्म एवं संस्कार के इस पावन आयोजन में सहभागी बनें।