महिलाओं को एक वोटर से बदलकर नीति निर्माता की श्रेणी में खड़ा करता है नारी शक्ति वंदन अधिनियम : चंदा गुप्ता
भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष चंदा गुप्ता ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिला उत्थान के लिए ऐतिहासिक बताया। कहा- अब महिलाएं मात्र वोटर नहीं, नीति निर्माता बनेंगी।
Apr 16, 2026, 17:14 IST
भिवानी, 15 अप्रैल : भारतीय जनता पार्टी द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि भारत की आधी आबादी को उनका वास्तविक हक दिलाने वाला एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। यह विचार भाजपा महिला मोर्चा की भिवानी जिला अध्यक्ष चंदा गुप्ता ने व्यक्त किए। उन्होंने इस अधिनियम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला उत्थान के लिए लिया गया सबसे साहसिक और दूरदर्शी निर्णय बताया। चंदा गुप्ता ने कहा कि दशकों से महिलाओं के अधिकारों की बातें तो बहुत हुईं, लेकिन उन्हें सदन तक पहुँचाने के ठोस प्रयास नहीं किए गए। यह संवैधानिक संशोधन लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को मात्र एक वोटर से बदलकर नीति निर्माता की श्रेणी में खड़ा करता है। चंदा गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में संसद में महिलाओं की संख्या पर्याप्त नहीं है। जहाँ पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी लगभग 46 प्रतिशत है, वहीं लोकसभा और विधानसभाओं में यह आंकड़ा काफी कम है। यह अधिनियम इसी असंतुलन को दूर करेगा। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलता है, तो वे शासन को अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाती हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी अनुभव को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने का प्रयास है, जो आने वाले समय में विकसित भारत के निर्माण में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बधाई व आभार के पात्र है।