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आस्था का सम्मान : भिवानी परिवार मैत्री संघ व गौरक्षा दल भिवानी का सराहनीय अभियान 
 

भिवानी परिवार मैत्री संघ व गौरक्षा दल भिवानी ने किया खंडित मूर्तियों का विधिवत निष्पादन
 
 

भिवानी में खंडित देव-मूर्तियों का पूरे विधि-विधान से हुआ विसर्जन, उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
यह केवल मूर्तियों का विसर्जन नहीं, हमारी आस्था का पुनरुद्धार है : राजेश चेतन 
धर्म के व्यावहारिक सम्मान को लागू करने में विश्वास रखना होना चाहिए सभी का उद्देश्य : चेयरपर्सन पूजा बंसल


भिवानी, 20 मई : अक्सर देखा जाता है कि घरों या मंदिरों में अनजाने में खंडित हुई देवी-देवताओं की पूजनीय मूर्तियों और तस्वीरों को लोग पेड़ों के नीचे, चौराहों, नहरों पर या खुले स्थानों पर छोड़ देते हैं। इससे ना केवल हमारी आस्था आहत होती है, बल्कि जल एवं पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। इसी के तहत भिवानी परिवार मैत्री संघ व गौरक्षा दल के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को स्थानीय लठिया वाला जोहड़ स्थित मंदिर बाबा जीतनाथ के परिसर में हवन एवं खंडित मूर्तियों का विधिवत निष्पादन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान आयोजन स्थल पर मंत्रोच्चारण और वैदिक रीति-रिवाज से हवन यज्ञ किया गया, जिसमें आहुति देकर जल एवं पर्यावरण की शुद्धि और लोक-कल्याण की कामना की गई। इसके उपरांत, नागरिकों द्वारा सहेजकर लाई गई सैकड़ों खंडित मूर्तियों का पूरे आदर, सम्मान और शास्त्रोक्त विधि के साथ निष्पादन किया गया।
       इस मौके पर भिवानी परिवार मैत्री संघ के अध्यक्ष राजेश चेतन ने कहा कि हमारी संस्कृति में हर कंकड़ में शंकर देखने की परंपरा है। जिन मूर्तियों के सामने हम शीश नवाते हैं, खंडित होने के बाद उन्हें लावारिस छोड़ देना हमारी आस्था का अपमान है। आज भिवानी के नागरिकों ने जिस तरह इस अपील को स्वीकारा और अपने घरों से इन मूर्तियों को ससम्मान यहां लेकर आए, वह यह दर्शाता है कि हमारा समाज आज भी अपनी सांस्कृतिक मर्यादाओं के प्रति बेहद संवेदनशील है। यह एक शुरुआत है हम चाहते हैं कि हर नागरिक इस जिम्मेदारी को समझे।
       इस मौके पर भिवानी परिवार मैत्री संघ की पर्यावरण समिति की चेयरपर्सन पूजा बंसल व पर्यावरण प्रेमी नाथुराम जैन व गौरक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार ने कहा कि सनातन धर्म में विसर्जन और निष्पादन की एक पवित्र विधि है। पेड़ों के नीचे या रास्तों पर मूर्तियों को रखने से अनजाने में उन पर पैर लगते हैं, जिससे मन को भारी ठेस पहुंचती है। गौरक्षा दल और भिवानी परिवार मैत्री संघ ने मिलकर आज इस महायज्ञ के जरिए समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया है। हम केवल धर्म की रक्षा की बात नहीं करते, बल्कि धर्म के व्यावहारिक सम्मान को लागू करने में विश्वास रखते हैं।
       दोनों संस्थाओं ने अंत में भिवानी और आस-पास के सभी नागरिकों से अपील भी की कि भविष्य में भी कभी किसी के घर या आस-पास खंडित मूर्तियां दिखाई दें, तो उन्हें यहां-वहां फेंकने के बजाय सहेज कर रखें और गौरक्षा दल भिवानी से संपर्क करें, ताकि उनका इसी तरह ससम्मान निष्पादन किया जा सके। इस अवसर पर मोदी, आदि तंवर, सूर्या, अंकित शर्मा, शुभम जांगड़ा, कुकी परमार, गोपी पालवास, शंकर खरबंदा,कृष्ण खरबंदा और जयपाल कोंट, डा. गजेंद्र सहित अन्य लोग मौजूद रहे।