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- चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय ने स्थापना दिवस पर दो महत्वपूर्ण एमओयू किए साइन  
 

- युवाओं में उद्यमिता, कौशल विकास एवं स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बीवाईएसटी और बीबीएयू लखनऊ के साथ करार
- इन एमओयू से एनईपी 2020 के तहत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए खुलेंगे इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर
 

भिवानी, 26 जुलाई। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी ने अपने 13वें स्थापना दिवस पर दो महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। स्थापना दिवस का प्रमुख आकर्षण यही दो समझौते रहे।
पहला एमओयू: बीवाईएसटी के साथ
पहला एमओयू भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट (बीवाईएसटी) के साथ पूर्व आईएएस अधिकारी एवं विश्वविद्यालय के प्रो. ऑफ प्रैक्टिस शिवरामन गौड़ की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस समझौते का उद्देश्य युवाओं में उद्यमिता, कौशल विकास एवं स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना है।
भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट के मेंटर इंडिया कार्यक्रम डॉ. शोहराब आलम ने बताया कि इस एमओयू के तहत विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए स्वयं रोजगार के द्वार खुलेंगे। बीवाईएसटी द्वारा छात्रों को स्वयं रोजगार के अवसर प्रदान करने में सहायता भी की जाएगी। राष्ट्रीय स्तर की यह संस्था पिछले 4 वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं को स्वयं रोजगार के अवसर पहले ही उपलब्ध करवा चुकी है। विश्वविद्यालय के साथ हुए नए एमओयू को एक मील का पत्थर माना जा रहा है। भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट की और से विश्वविद्यालय के युवाओं को उद्यमिता विकास हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा। युवाओं के लिए इनक्युबेशन सेंटर के तहत नए स्टार्टअप भी खुलेंगे।
इस अवसर पर बीवाईएसटी की और से चैप्टर चेयरमैन हितेंद्र पुनियानी, शिवा शर्मा, डॉ. एसएम शोहराब आलम हैड मॉनिटरिंग इंडिया, कुमारी शमिता चित्रांशी उपनिदेशक बीवाईएसटी आदि एमओयू पर हस्ताक्षर किए। 
दूसरा एमओयू: बीबीएयू लखनऊ के साथ 
दूसरा एमओयू बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ एवं चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी के मध्य वर्चुअल माध्यम से संपन्न हुआ। इस समझौते के अंतर्गत दोनों विश्वविद्यालय ईएमआरसी, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) एवं मूक्स के माध्यम से ऑनलाइन व्याख्यानों के आदान-प्रदान, कौशल विकास, नवाचार, उद्यमिता तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे। दोनों संस्थान बिना किसी वित्तीय दायित्व के अपने शैक्षणिक संसाधनों का साझा उपयोग करेंगे।
वर्चुअल एमओयू समारोह में बीबीएयू के कुलगुरु प्रो. राज कुमार मित्तल तथा सीबीएलयू की कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी की उपस्थिति रही। एमओयू पर बीबीएयू के कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह एवं की कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा ने हस्ताक्षर किए। इस सहयोगात्मक पहल के समन्वयक सीबीएलयू की प्रो. सुनीता भरतवाल तथा बीबीएयू के प्रो. सुभाष मिश्रा होंगे।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलगुरू दीप्ति धर्माणी ने बताया कि द्वारा परस्पर सहयोग और क्लस्टरिंग, ऐसे दो प्रभावी माध्यम हैं, जिनके द्वारा विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, ज्ञान उत्कृष्टता, नवाचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से विकसित भारतञ्च 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।