अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस : भिवानी सीडब्ल्यूसी की बड़ी कार्रवाई
जिला बाल कल्याण समिति ने बाल मजदूरी के दलदल से मुक्त कराए 3 मासूम
सामूहिक जागरूकता से ही बाल श्रम जैसे सामाजिक अभिशाप को मिटाना संभव : प्रदीप सिंह तंवर
बच्चे देश का भविष्य, उनकी सुरक्षा ही सीडब्ल्यूसी की सर्वोच्च प्राथमिकता : अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर
सामूहिक जागरूकता से ही बाल श्रम जैसे सामाजिक अभिशाप को मिटाना संभव : प्रदीप सिंह तंवर
बच्चे देश का भविष्य, उनकी सुरक्षा ही सीडब्ल्यूसी की सर्वोच्च प्राथमिकता : अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर
Jun 12, 2026, 16:51 IST
भिवानी, 12 जून : अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) भिवानी ने बाल श्रम के खिलाफ एक बड़ा और प्रभावी कदम उठाया है। बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण के निर्देशानुसार तथा समिति के चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर के नेतृत्व में जिले भर में एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया गया। इस सघन अभियान के दौरान टीम ने मुस्तैदी से कार्रवाई करते हुए तीन मासूम बच्चों को बाल मजदूरी के चंगुल से सकुशल रेस्क्यू किया। इस अभियान की सफलता में क्राईम ब्रांच से एएसआई मंजीता, एएसआई पवन, एएसआई रामफल, सीडब्ल्यूसी सदस्य सतेंद्र तंवर, नीलम रानी, दिनेश अत्री, लक्ष्मी भारद्वाज व डीसीपीओ से सोशल वर्कर रिंकू का भी विशेष सहयोग रहा।
इस मौके पर जिला बाल कल्याण समिति के चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर ने कहा कि बच्चे किसी भी राष्ट्र का वास्तविक भविष्य और उसकी नींव होते हैं। उनके हाथों में औजार या काम का बोझ नहीं, बल्कि किताबें और खिलौने होने चाहिए। इन मासूमों की सुरक्षा, शिक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करना ही सीडब्ल्यूसी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाल श्रम एक सामाजिक अभिशाप है, जिसे केवल कानूनी कार्रवाइयों से नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जागरूकता से ही जड़ से मिटाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हर बच्चे को एक सुरक्षित, भयमुक्त और गरिमापूर्ण बचपन जीने का अधिकार है। सीडब्ल्यूसी भिवानी बच्चों के पुनर्वास और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही, जिन स्थानों पर इन बच्चों से बाल श्रम कराया जा रहा था, उनके नियोक्ताओं के खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर ने नागरिकों से अपील की कि यदि आपको अपने आसपास किसी भी दुकान, होटल, कारखाने या घरेलू काम में कोई बच्चा मजदूरी करता हुआ दिखे, तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन या सीडब्ल्यूसी को दे, ताकि मासूमों को बाल श्रम के चक्रव्यूह से बाहर निकाला जा सकें।
इस मौके पर जिला बाल कल्याण समिति के चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर ने कहा कि बच्चे किसी भी राष्ट्र का वास्तविक भविष्य और उसकी नींव होते हैं। उनके हाथों में औजार या काम का बोझ नहीं, बल्कि किताबें और खिलौने होने चाहिए। इन मासूमों की सुरक्षा, शिक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करना ही सीडब्ल्यूसी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाल श्रम एक सामाजिक अभिशाप है, जिसे केवल कानूनी कार्रवाइयों से नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जागरूकता से ही जड़ से मिटाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हर बच्चे को एक सुरक्षित, भयमुक्त और गरिमापूर्ण बचपन जीने का अधिकार है। सीडब्ल्यूसी भिवानी बच्चों के पुनर्वास और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही, जिन स्थानों पर इन बच्चों से बाल श्रम कराया जा रहा था, उनके नियोक्ताओं के खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर ने नागरिकों से अपील की कि यदि आपको अपने आसपास किसी भी दुकान, होटल, कारखाने या घरेलू काम में कोई बच्चा मजदूरी करता हुआ दिखे, तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन या सीडब्ल्यूसी को दे, ताकि मासूमों को बाल श्रम के चक्रव्यूह से बाहर निकाला जा सकें।