प्रशासन के आश्वासन पर झुका गतिरोध : 7वें दिन समाप्त हुआ गौरक्षकों का धरना
भिवानी, 28 अप्रैल : बेजुबान जीवों की सेवा और डायल 1962 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली को लेकर पिछले एक सप्ताह से जारी खींचतान आखिरकार मंगलवार को समाप्त हो गई। स्थानीय राजकीय वेटनरी पॉलीक्लीनिक के सामने धरने पर बैठे गौरक्षा दल के सदस्यों ने पशुपालन विभाग के उप निदेशक के ठोस आश्वासन के बाद अपना आंदोलन वापस ले लिया है।
बता दे कि गौरक्षा दल भिवानी द्वारा पिछले 7 दिनों से राजकीय वेटनरी पॉलीक्लीनिक के मुख्य द्वार पर धरना दिया जा रहा था। गौरक्षकों का आरोप था कि पशुओं के उपचार के लिए शुरू की गई डायल 1962 एंबुलेंस सेवा सुचारू रूप से कार्य नहीं कर रही है और विभाग के अधिकारी ड्यूटी में लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे घायल बेजुबान जीवों को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल पा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को पशुपालन विभाग के उप निदेशक डा रविंद्र सहरावत, डा. सुभाष और डा. हरिओम के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने गौरक्षकों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही व्यवस्था सुधारने का वादा किया।
इस दौरान उपनिदेशक डा. रविंद्र सहरावत ने कहा कि पशु चिकित्सा सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में गौरक्षकों को शिकायत का मौका नहीं मिलेगा। हमने निर्णय लिया है कि पॉलीक्लीनिक में आपातकालीन सेवाओं के लिए रात 8 बजे से सुबह 4 बजे तक एक विशेष टीम तैनात रहेगी। हमारी टीम गौरक्षकों के साथ मिलकर पशु सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहेगी।
उप निदेशक के आश्वासन के बाद गौरक्षा दल ने जूस पीकर अपना धरना समाप्त किया। गौरक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार ने स्पष्ट किया कि उनका यह कदम व्यवस्था परिवर्तन के लिए था। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य किसी भी अधिकारी से व्यक्तिगत रंजिश पालना नहीं था, बल्कि सोए हुए प्रशासन को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाना था। रात के समय घायल होने वाले गोवंश के लिए चिकित्सा मिलना मुश्किल हो रहा था। अब जब उप निदेशक ने स्वयं आश्वासन दिया है और रात्रि कालीन टीम तैनात करने का वादा किया है, तो हम अपनी मांगें पूरी होते देख धरना समाप्त कर रहे हैं।
इस अवसर पर कुकी परमार, अंकित शर्मा, अमन बॉक्सर, कृष्ण नंदन, पालु, शुभम खात, दीपक, मिथुन, विजयपाल, महिपाल, सूरज, सत्यवान, आदि, मोदी, हिमांशु सहित अन्य गौसेवक मौजूद रहे।