जिला पुलिस का साईबर जागरूकता अभियान लगातार जारी, दृष्टि इंस्टीट्यूट भिवानी में विद्यार्थियों को किया जागरूक।
पुलिस अधीक्षक भिवानी श्री सुमित कुमार भा०पु०से० के निर्देशानुसार जिला पुलिस व थाना साईबर क्राईम पुलिस द्वारा जिले में आम नागरिकों, विद्यार्थियों व व्यापारियों को समय-समय पर साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत आज थाना साईबर क्राईम भिवानी के विष्णु कुमार व टीम द्वारा दृष्टि इंस्टीट्यूट भिवानी में साईबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को वर्तमान समय में होने वाले विभिन्न साईबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि साईबर अपराधी फर्जी कॉल करके स्वयं को बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी या सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों से ओटीपी, बैंक खाता नंबर और यूपीआई पिन की जानकारी लेकर उनके खातों से पैसे निकाल लेते हैं। विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा ना करें।
✍️ विद्यार्थियों को सोशल मीडिया हैकिंग के बारे में भी जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने बताया कि साइबर अपराधी फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप अकाउंट हैक करके परिचितों से पैसे मांगते हैं तथा कई बार फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को ब्लैकमेल करने का प्रयास करते हैं। सोशल मीडिया अकाउंट पर मजबूत पासवर्ड और टू-स्टेप वेरिफिकेशन का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
✍️ इसके अलावा ऑनलाइन लोन फ्रॉड के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि साइबर अपराधी फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन और वेबसाइट के माध्यम से तुरंत लोन देने का लालच देकर लोगों के मोबाइल का डाटा चोरी कर लेते हैं तथा बाद में उन्हें धमकाकर पैसे वसूलते हैं। विद्यार्थियों को किसी भी अनजान लोन एप्लीकेशन को डाउनलोड ना करने की सलाह दी गई।
✍️ पुलिस टीम ने डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड के बारे में भी जानकारी दी, जिसमें साइबर अपराधी स्वयं को पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और लोगों को डराकर जांच के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवाते हैं। विद्यार्थियों को बताया गया कि कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर पैसे जमा करवाने के निर्देश नहीं देती।
✍️ फर्जी लिंक और केवाईसी अपडेट फ्रॉड के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि साइबर अपराधी बैंक केवाईसी अपडेट करने, बिजली बिल जमा करने या इनाम जीतने के नाम पर फर्जी लिंक भेजते हैं। ऐसे लिंक पर क्लिक करने से मोबाइल और बैंक खाते की जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच जाती है। विद्यार्थियों को किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक ना करने के लिए जागरूक किया गया।
✍️ ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग फ्रॉड के संबंध में बताया गया कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया या व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर लोगों से निवेश करवाते हैं और बाद में ठगी कर लेते हैं। विद्यार्थियों को केवल अधिकृत और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करने की सलाह दी गई।
✍️ पुलिस टीम ने ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड के बारे में भी जानकारी दी, जिसमें फर्जी वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज बनाकर सस्ते सामान का विज्ञापन देकर लोगों से ऑनलाइन भुगतान करवाया जाता है, लेकिन सामान नहीं भेजा जाता। विद्यार्थियों को केवल विश्वसनीय वेबसाइट से खरीदारी करने और ऑनलाइन भुगतान करते समय सावधानी बरतने के लिए कहा गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव के लिए “क्या करें और क्या ना करें” के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें तथा www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाएं।
जिला पुलिस भिवानी आमजन से अपील करती है कि साइबर अपराधियों से सतर्क रहें तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।