- लू से बचाव के लिए सावधारी बरतना जरूरी: डीसी
- हीटवेव के दौरान क्या करें और क्या न करें का रखना होता है ध्यान
Jun 1, 2026, 18:01 IST
भिवानी, 01 जून। डीसी साहिल गुप्ता ने कहा कि अत्यधिक गर्मी के दौरान थोड़ी सी लापरवाही स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। इसलिए सभी नागरिक हीटवेव यानि लू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें और स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालन करें।
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- हीटवेव के दौरान क्या करें
स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन द्वारा जारी एडवाईजरी अनुसार दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे। ओआरएस, नींबू पानी, लस्सी- छाछ, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें। हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। सिर को टोपी, गमछे, दुपट्टे या छाते से ढककर रखें। घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखें। सुबह और शाम के अपेक्षाकृत ठंडे समय में ही आवश्यक कार्य करें। बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। पशुओं के लिए भी छाया और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करें। घरों और कार्यस्थलों पर पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखें और चक्कर आना, अत्यधिक प्यास लगना, कमजोरी, सिरदर्द या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
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- हीटवेव के दौरान क्या न करें
दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलें। खाली पेट घर से बाहर न जाएं। अत्यधिक गर्म वातावरण में भारी शारीरिक श्रम करने से बचें। लंबे समय तक बंद वाहनों में बच्चों या बुजुर्गों को अकेला न छोड़ें। शराब, अत्यधिक चाय, कॉफी या कैफीनयुक्त पेय पदार्थों का अधिक सेवन न करें, क्योंकि इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। धूप से लौटते ही तुरंत बर्फ जैसा ठंडा पानी न पिएं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को तेज धूप में न जाने दें और हीट स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
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- हीट स्ट्रोक के लक्षण
शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ जाना, तेज सिरदर्द, चक्कर आना या बेहोशी, उल्टी या जी मिचलाना, त्वचा का लाल और गर्म होना, सांस लेने में कठिनाई व अत्यधिक कमजोरी या भ्रम की स्थिति आदि हीट स्ट्रोक के लक्षण होते हैं।
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- प्रशासन ने की एडवाईजरी की पालना करने अपील
डीसी साहिल गुप्ता ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि हीटवेव के दौरान अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। यदि किसी राहगिरर, बुजुर्ग, बच्चे या जरूरतमंद व्यक्ति को गर्मी से परेशानी होती दिखाई दे तो उसकी सहायता करें। सरकार द्वारा जारी एडवाईजरी की पालना करें।
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- हीटवेव के दौरान क्या करें
स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन द्वारा जारी एडवाईजरी अनुसार दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे। ओआरएस, नींबू पानी, लस्सी- छाछ, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें। हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। सिर को टोपी, गमछे, दुपट्टे या छाते से ढककर रखें। घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखें। सुबह और शाम के अपेक्षाकृत ठंडे समय में ही आवश्यक कार्य करें। बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। पशुओं के लिए भी छाया और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करें। घरों और कार्यस्थलों पर पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखें और चक्कर आना, अत्यधिक प्यास लगना, कमजोरी, सिरदर्द या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
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- हीटवेव के दौरान क्या न करें
दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलें। खाली पेट घर से बाहर न जाएं। अत्यधिक गर्म वातावरण में भारी शारीरिक श्रम करने से बचें। लंबे समय तक बंद वाहनों में बच्चों या बुजुर्गों को अकेला न छोड़ें। शराब, अत्यधिक चाय, कॉफी या कैफीनयुक्त पेय पदार्थों का अधिक सेवन न करें, क्योंकि इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। धूप से लौटते ही तुरंत बर्फ जैसा ठंडा पानी न पिएं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को तेज धूप में न जाने दें और हीट स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
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- हीट स्ट्रोक के लक्षण
शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ जाना, तेज सिरदर्द, चक्कर आना या बेहोशी, उल्टी या जी मिचलाना, त्वचा का लाल और गर्म होना, सांस लेने में कठिनाई व अत्यधिक कमजोरी या भ्रम की स्थिति आदि हीट स्ट्रोक के लक्षण होते हैं।
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- प्रशासन ने की एडवाईजरी की पालना करने अपील
डीसी साहिल गुप्ता ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि हीटवेव के दौरान अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। यदि किसी राहगिरर, बुजुर्ग, बच्चे या जरूरतमंद व्यक्ति को गर्मी से परेशानी होती दिखाई दे तो उसकी सहायता करें। सरकार द्वारा जारी एडवाईजरी की पालना करें।