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Anti Drug Awareness Campaign Haryana: गांवों में 'लौटा-नमक' की शपथ और धाकड़ पोर्टल से युवाओं को नशे से बचाएगा प्रशासन

डीसी साहिल गुप्ता ने भिवानी में नशा विरोधी अभियान के तहत दिए सख्त निर्देश। तस्करों पर कार्रवाई और नशा मुक्ति पर फोकस।
 

 युवा पीढ़ी को नशीले पदार्थों के सेवन से बचाने के लिए जागरूकता लानी जरूरी:

डीसी ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों का धंधा करने वालों के खिलाफ होगी कार्यवाही: डीसी  

डीसी साहिल गुप्ता की अध्यक्षता में डीआरडीए सभागार में आयोजित हुई एनकॉर्डं की समीक्षा बैठक

भिवानी, 26 अगस्त। डीसी साहिल गुप्ता की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए हॉल में एनडीपीएस एक्ट यानि एनकॉर्डं की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। डीसी ने विशेषकर शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, पंचायत विभाग को निर्देश दिए कि वे युवाओं में नशा मुक्ति के प्रति जाग:रूकता के लिए कार्य योजना तैयार करें। युवा पीढ़ी को नशीले पदार्थों के सेवन से बचाने के लिए जागरूकता लानी जरूरी है। जागरूकता अभियान का हमारे मानसिक पटल पर बड़ा ही सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि ड्रग्स आदि नशीले पदार्थों से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में सेलीब्रेटी, गणमान्य या प्रभावशाली लोगों की कमेटी बनाई जाए, जो युवाओं में नशे के विरूद्घ जागृति लाने के साथ-साथ उनके क्षेत्रों में नशे की तस्करी पर रोकथाम लगाने का काम करे। बैठक में प्रवर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने भी नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने को लेकर जरूरी निर्देश दिए। नशे से दूर रहने के लिए गांवों में लौटा-नमक की शपथ दिलाई जाए ताकि लोगों के दिलो-दिमाग असर हो।

डीसी श्री गुप्ता ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के सेवन से बचाने के प्रति जागरूकता के लिए धाकड़ पोर्टल पर खिलाडिय़ों का नाम अपलोड करवाएं, स्कूलों में कैप्टन मनोनीत करें। स्कूलों में नुक्कड़ नाटक टीमें तैयार की जाएं। इसी प्रकार से उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि वे नशे से प्रभावित व्यक्तियों की काऊंसलिंग की जाए। उन्होंने पंचायत विभाग को निर्देश दिए कि ड्रग्स प्रभावित गांवों में सेलीब्रेटी, गणमान्य या प्रभावशाली लोगों की कमेटी बनाई जाए, जो युवाओं में नशे के विरूद्घ जागरूकता लाने का काम करे। वहीं दूसरी ओर प्रवर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने कहा कि नशे से दूर रहने के लिए गांवों में लौटा-नमक की शपथ दिलाई जाए ताकि लोगों के दिलो-दिमाग असर हो। शिक्षक संस्थाओं में नशे से दूर रहने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं।

डीसी ने कहा कि ड्रग्स आदि नशे की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि केमिस्ट की दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे वर्किंग में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशा छुड़वाने के लिए नशे से प्रभावित व्यक्ति से सहानुभूति पूर्वक बात करनी जरूरी होती है। जिला में नशा छुड़वाने के लिए जिला बाल कल्याण परिषद व सरकारी अस्पताल में सहित दो नशा मुक्ति केंद्र चलाए जा रहे हैं। इन दोनों ही जगह पर सरकार की ओर से सभी प्रकार की सुविधाएं मुफ्त दी जाती है। इसमें कोई भी नशे से पीडि़त नागरिक उपचार ले सकता है।

डीसी ने चिन्हित अपराधों पर अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मामले में केस की अच्छी तरह से स्टडी करके बेहतर तरीके से कोर्ट में पैरवी करें। ऐसे मामलों में जल्द से जल्द न्याय दिलाने के प्रयास होने चाहिए। डीसी  ने जिला न्यायवादी को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों की पूरी मजबूती के साथ कोर्ट में पैरवी करें। चिन्हित अपराधों में किसी भी केस में कोर्ट में साक्ष्यों का अभाव और कमजोर पैरवी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार के मामलों में साक्ष्यों के बचाव और उनकी सुरक्षा तथा कानूनी पहलुओं द्वारा मजबूत पैरवी सम्बंधित अधिकारियों द्वारा की जानी चाहिए।  

बैठक में डीडीपीओ सोमबीर कादयान, डीएसडब्लूओ रविन्द्र हुड्डïा के अलावा चिकित्सा विभाग, उच्चतर शिक्षा विभाग, ड्रग निरीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।