भिवानी में बैडमिंटन के महाकुंभ का समापन : 200 शटलर्स ने दिखाई अपनी प्रतिभा, सूर्यंश ने जीता चौका
खेल सिर्फ जीत-हार नहीं, जीवन का आधार है : एडीसी दीपक बाबूलाल करवा
Jun 1, 2026, 17:51 IST
भिवानी, 01 जून : बैडमिंटन वेलफेयर एसोसिएशन भिवानी के तत्वावधान में स्थानीय भीम स्टेडियम स्थित बैडमिंटन हॉल में आयोजित चार दिवसीय भिवानी जिला बैडमिंटन चैंपियनशिप-2026 का समापन हुआ। खेल की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके भिवानी जिले के लिए यह प्रतियोगिता किसी महाकुंभ से कम नहीं थी, जिसमें जिला भर से आए करीब 200 से अधिक जूनियर व सीनियर शटलर्स ने अपनी प्रतिभा, रफ्तार और सटीक स्मैश का लोहा मनवाया। इस अवसर पर पवन शर्मा आईटीओ, विद्यानंद जिला खेल अधिकारी, अनिल सांगवान, मितेश शर्मा, रोहित लोहाच, रोहित भाकर अर्जुन अवॉर्डी, महेश सिंहमार बैडमिंटन कोच, मनोज, सुरेश अरोड़ा प्रोफेसर पोपली पीटीआई, ताराचंद सहित अनेक खेलप्रेमी मौजूद रहे।
चैंपियनशिप के समापन समारोह में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) दीपक बाबूलाल करवा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर विजेता खिलाडिय़ों को पुरस्कार बांटे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के तौर पर शिवरत्न गुप्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की पूरी कमान और संयोजन प्रसिद्ध समाजसेवी प्यारेलाल जग्गनाथ सर्राफ ने संभाला। उपस्थित खिलाडिय़ों को संबोधित करते हुए एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने कहा कि भिवानी की माटी में ही खेल और जज्बा बसा है। चार दिनों तक इस बैडमिंटन कोर्ट पर जो ऊर्जा और अनुशासन देखने को मिला, वह अद्भुत है। खेल केवल मेडल जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह युवाओं में टीम भावना, कठिन परिस्थितियों से लडऩा और मानसिक दृढ़ता विकसित करता है। प्रशासन खेलों और खिलाडिय़ों को हर संभव बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैडमिंटन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान प्रो. सुरेश गुप्ता व महासचिव सतविंद्र सिंह ने कहा कि इस चैंपियनशिप का मुख्य उद्देश्य भिवानी की छिपी हुई बैडमिंटन प्रतिभाओं को एक पेशेवर मंच देना था। पिछले चार दिनों में 200 शटलर्स के बीच हुए कड़े मुकाबलों ने यह साबित कर दिया है कि हमारे बच्चों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने की पूरी क्षमता है। एसोसिएशन जल्द ही इन होनहार बच्चों के लिए विशेष ट्रेनिंग कैंप भी आयोजित करेगी। इस चैंपियनशिप के सबसे बड़े स्टार उभरते हुए खिलाड़ी सूर्यंश रहे, जिन्होंने अपनी असाधारण फॉर्म और खेल का मुजाहिरा करते हुए विभिन्न आयु वर्गों में कुल 4 खिताब (लडक़ों के अंडर-17 सिंगल्स व डबल्स, मिक्स डबल्स अंडर-17 और लडक़ों के अंडर-19 सिंगल्स) जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं दिव्यांश और देवांश ने भी अपने प्रदर्शन से सबका दिल जीता।
प्रतियोगिता के परिणामों की जानकारी देते हुए प्रधान प्रो. सुरेश गुप्ता व महासचिव सतविंद्र सिंह ने बताया कि अंडर-11 सिंगल्स में आर्यन शर्मा विजेता व युवंश उपविजेता रहे। अंडर-13 सिंगल्स में देवेन संधू विजेता व आर्यन शर्मा उपविजेता रहे। अंडर-13 डबल्स में देवेन और सत्य विजेता व दिव्यम और रितिक उपविजेता रहे। अंडर-15 सिंगल्स में देवांश विजेता भव्य मखीजा उपविजेता रहे। अंडर-15 डबल्स में तनिष्क व प्रकाश विजेता तो अंशुल व ओम उपविजेता रहे। अंडर-17 सिंगल्स में सूर्यंश विजेता तो दिव्यांश उपविजेता रहे। अंडर-17 डबल्स में सूर्यंश व नमन विजेता तो दिव्यांश व देवांश उपविजेता रहे। अंडर-19 सिंगल्स में सूर्यंश विजेता तो अंश दांगी उपविजेता रहे। अंडर-19 डबल्स में दिव्यांश व देवांश विजेता तो नमन व सूर्यांश उपविजेता रहे। इसी प्रकार लड़कियों के वर्ग में अंडर-13 सिंगल्स में देवांगी, अंडर-15 सिंगल्स में यशना, अंडर-17 सिंगल्स में प्रकृति, अंडर-17 डबल्स में दिव्यांशी व प्रकृति विजेता रही। वही मिक्स्ड डबल्स में अंडर-17 में सूर्यंश व प्रकृति विजेता रहे। मेंस सिंगल्स में हर्ष तथा मेंस डबल्स में आकाश व अमन विजेता रहे।
चैंपियनशिप के समापन समारोह में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) दीपक बाबूलाल करवा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर विजेता खिलाडिय़ों को पुरस्कार बांटे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के तौर पर शिवरत्न गुप्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की पूरी कमान और संयोजन प्रसिद्ध समाजसेवी प्यारेलाल जग्गनाथ सर्राफ ने संभाला। उपस्थित खिलाडिय़ों को संबोधित करते हुए एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने कहा कि भिवानी की माटी में ही खेल और जज्बा बसा है। चार दिनों तक इस बैडमिंटन कोर्ट पर जो ऊर्जा और अनुशासन देखने को मिला, वह अद्भुत है। खेल केवल मेडल जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह युवाओं में टीम भावना, कठिन परिस्थितियों से लडऩा और मानसिक दृढ़ता विकसित करता है। प्रशासन खेलों और खिलाडिय़ों को हर संभव बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैडमिंटन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान प्रो. सुरेश गुप्ता व महासचिव सतविंद्र सिंह ने कहा कि इस चैंपियनशिप का मुख्य उद्देश्य भिवानी की छिपी हुई बैडमिंटन प्रतिभाओं को एक पेशेवर मंच देना था। पिछले चार दिनों में 200 शटलर्स के बीच हुए कड़े मुकाबलों ने यह साबित कर दिया है कि हमारे बच्चों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने की पूरी क्षमता है। एसोसिएशन जल्द ही इन होनहार बच्चों के लिए विशेष ट्रेनिंग कैंप भी आयोजित करेगी। इस चैंपियनशिप के सबसे बड़े स्टार उभरते हुए खिलाड़ी सूर्यंश रहे, जिन्होंने अपनी असाधारण फॉर्म और खेल का मुजाहिरा करते हुए विभिन्न आयु वर्गों में कुल 4 खिताब (लडक़ों के अंडर-17 सिंगल्स व डबल्स, मिक्स डबल्स अंडर-17 और लडक़ों के अंडर-19 सिंगल्स) जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं दिव्यांश और देवांश ने भी अपने प्रदर्शन से सबका दिल जीता।
प्रतियोगिता के परिणामों की जानकारी देते हुए प्रधान प्रो. सुरेश गुप्ता व महासचिव सतविंद्र सिंह ने बताया कि अंडर-11 सिंगल्स में आर्यन शर्मा विजेता व युवंश उपविजेता रहे। अंडर-13 सिंगल्स में देवेन संधू विजेता व आर्यन शर्मा उपविजेता रहे। अंडर-13 डबल्स में देवेन और सत्य विजेता व दिव्यम और रितिक उपविजेता रहे। अंडर-15 सिंगल्स में देवांश विजेता भव्य मखीजा उपविजेता रहे। अंडर-15 डबल्स में तनिष्क व प्रकाश विजेता तो अंशुल व ओम उपविजेता रहे। अंडर-17 सिंगल्स में सूर्यंश विजेता तो दिव्यांश उपविजेता रहे। अंडर-17 डबल्स में सूर्यंश व नमन विजेता तो दिव्यांश व देवांश उपविजेता रहे। अंडर-19 सिंगल्स में सूर्यंश विजेता तो अंश दांगी उपविजेता रहे। अंडर-19 डबल्स में दिव्यांश व देवांश विजेता तो नमन व सूर्यांश उपविजेता रहे। इसी प्रकार लड़कियों के वर्ग में अंडर-13 सिंगल्स में देवांगी, अंडर-15 सिंगल्स में यशना, अंडर-17 सिंगल्स में प्रकृति, अंडर-17 डबल्स में दिव्यांशी व प्रकृति विजेता रही। वही मिक्स्ड डबल्स में अंडर-17 में सूर्यंश व प्रकृति विजेता रहे। मेंस सिंगल्स में हर्ष तथा मेंस डबल्स में आकाश व अमन विजेता रहे।