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District Jail Inspection Bhiwani: सेशन जज डॉ. गगनदीप कौर सिंह ने किया जिला कारागार का औचक निरीक्षण, कैदियों की सुनी समस्याएं

सेशन जज डॉ. गगनदीप कौर सिंह ने भिवानी जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। कैदियों की समस्याएं सुनकर दिए समाधान के निर्देश।
 

सेशन जज डॉ. गगनदीप कौर सिंह ने किया जिला कारागार का औचक निरीक्षण

जिला कारागार में सेशन जज डॉ. गगनदीप कौर सिंह ने सुनी कैदियों की समस्याएं

भिवानी, 25 सितम्बर। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप कौर सिंह तथा सीजेएम-कम-सचिव पवन कुमार ने स्थानीय जिला कारागार का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल में बंद कैदियों व हवालातियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल की विभिन्न बैरिकों का दौरा किया और वहां की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कैदियों से उनके मामलों की प्रगति, कानूनी सहायता की उपलब्धता और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। कई कैदियों ने अपने मामलों में आ रही दिक्कतों को साझा किया, जिस पर सेशन जज व सीजेएम ने उन्हें उचित कानूनी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जरूरतमंद कैदियों को समय पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि वे न्यायिक प्रक्रिया में पीछे न रहें।

इसके अलावा, निरीक्षण टीम ने जेल अस्पताल का भी दौरा किया। उन्होंने वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता और डॉक्टरों की उपस्थिति की जांच की। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि कैदियों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और बीमार कैदियों को समय पर उचित इलाज उपलब्ध कराया जाए।

निरीक्षण के दौरान जेल के किचन का विशेष रूप से निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने वहां तैयार हो रहे भोजन की गुणवत्ता को परखा और साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि भोजन तैयार करते समय स्वच्छता के सभी मानकों का पालन किया जाए और कैदियों को पौष्टिक एवं गुणवत्ता युक्त भोजन उपलब्ध कराया जाए।

सेशन जज डॉ. गगनदीप कौर सिंह ने कहा कि जेल में बंद कैदियों के भी मानवाधिकार हैं और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण का उद्देश्य है कि प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर न्याय और कानूनी सहायता मिले, चाहे वह जेल में ही क्यों न हो।

उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि कैदियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से ऐसे निरीक्षण किए जाते रहेंगे ताकि व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन के अधिकारी व अन्य संबंधित कर्मचारी भी उपस्थित रहे।