CJM Pawan Kumar Address: पॉक्सो एक्ट के तहत बच्चों की पहचान गोपनीय रखना अनिवार्य, डीएलएसए भिवानी की पहल
हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर भिवानी के तीन स्कूलों में पॉक्सो एक्ट-2012 पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। सीजेएम पवन कुमार ने बच्चों को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
18 वर्ष से कम आयु के बच्चों की सुरक्षा के लिए है पॉक्सो एक्ट: सीजेएम पवन कुमार
विद्यार्थियों को दी पॉक्सो एक्ट-2012 की जानकारी, कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक
डीएलएसए द्वारा से तीन स्कूलों में जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन
भिवानी, 27 अक्टूबर। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला के निर्देशानुसार तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) भिवानी की अध्यक्ष डॉ. गगनदीप कौर सिंह के मार्गदर्शन में मंगलवार को जिले के तीन स्कूलों में पॉक्सो एक्ट-2012 के प्रति जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव डीएलएसए पवन कुमार की अध्यक्षता में केएम पब्लिक स्कूल, सर्वपल्ली राधाकृष्णन स्कूल तथा राजकीय कन्या स्कूल, तालु में आयोजित इन कार्यशालाओं में विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यशालाओं में डीएलएसए के पैनल अधिवक्ताओं, जिला बाल संरक्षण विभाग के बाल संरक्षण अधिकारी संदीप तथा साइबर सेल के वेलफेयर कोऑर्डिनेटर विष्णु परमार ने विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट-2012 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को सुरक्षित वातावरण, व्यक्तिगत सुरक्षा और किसी भी प्रकार के शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने के महत्व के बारे में भी जानकारी दी।
सीजेएम पवन कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि पॉक्सो एक्ट-2012 का उद्देश्य 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन उत्पीडऩ, यौन शोषण, यौन दुर्व्यवहार और बाल अश्लील सामग्री से संबंधित अपराधों से सुरक्षा प्रदान करना है। यह अधिनियम बच्चों की गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। उन्होंने बताया कि यौन अपराधों से पीडि़त बच्चों की पहचान उजागर करना कानूनन प्रतिबंधित है। इसलिए मीडिया सहित सभी लोगों को पीडि़त बच्चे की पहचान गोपनीय रखने संबंधी कानूनी प्रावधानों का पालन करना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कानूनी अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी अनुचित व्यवहार या शोषण की स्थिति में विश्वसनीय अभिभावक, शिक्षक अथवा संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा उपलब्ध मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में भी जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भिवानी के कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 01664-245933 व टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 पर कॉल करके पात्र व्यक्ति मुफ्त कानूनी सहायता के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर स्कूलों के अध्यापकगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे।