{"vars":{"id": "123258:4912"}}

पार्किंग की मांग को लेकर भिवानी में ग्रिल पर धरने पर बैठे पूर्व पार्षद ईश्वर मान

जनता परेशान और पुलिस सिर्फ चालान काटने में व्यस्त : ईश्वर मान
 

भिवानी, 11 जूनन : भिवानी के सरकुलर रोड पर उस समय राहगीर और प्रशासनिक अधिकारी सन्न रह गए, जब पूर्व पार्षद ईश्वर मान सडक़ के बीचों-बीच लगी लोहे की ग्रिलों के ऊपर धरने पर बैठ गए। जनता के लिए पार्किंग की मांग को लेकर किए गए इस जानलेवा प्रदर्शन ने शहर में हडक़ंप मचा दिया है। ईश्वर मान का आरोप है कि अधिकारी बार-बार गुहार लगाने के बाद भी कुंभकरणी नींद सोए हुए हैं, जिसके चलते उन्हें यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा।
बॉक्स
दशकों से खाली पड़ी पुलिस की जमीन बनी डंपिंग ग्राउंड
मामला शहर के सबसे व्यस्त इलाके घंटा घर और हांसी गेट के बीच का है। नेहरू पार्क के बिल्कुल साथ पुलिस विभाग की करीब एक एकड़ बेशकीमती जमीन पिछले कई दशकों से खाली पड़ी है। इस जमीन का पुलिस विभाग खुद तो कोई इस्तेमाल नहीं कर रहा, उल्टा देखरेख के अभाव में इसके गेट पर ताला लटका है और अंदर गंदगी व कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। दूसरी ओर इस व्यस्त रोड पर दर्जनों छोटे-बड़े बैंक, व्यापारिक संस्थान और सैकड़ों दुकानें हैं, जहां रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना होता है। पार्किंग की कोई व्यवस्था न होने के कारण लोग सडक़ों पर वाहन खड़े करने को मजबूर हैं, जिससे हर समय यहां भयंकर जाम की स्थिति बनी रहती है।
बॉक्स
हर अधिकारी के चक्कर काट चुका, पर सब बहरे हो चुके हैं : ईश्वर मान
नुकीली ग्रिल पर बैठे पूर्व पार्षद ईश्वर मान के चेहरे पर व्यवस्था के खिलाफ साफ तौर पर गुस्सा और रोष दिखाई दे रहा था। अपने बयान में उन्होंने प्रशासन पर तीखे तीर चलाते हुए कहा कि वे कोई राजनीति करने या अपनी पब्लिसिटी के लिए इस नुकीली ग्रिल पर नहीं बैठे। यह भिवानी की जनता का दर्द है जो मुझे यहां खींच लाया है। इस पार्किंग की समस्या को लेकर मैं शहर के हर छोटे-बड़े अधिकारी के पास जा चुका हूँ। डीसी, एडीसी, एसपी, एसडीएम सबके सामने हाथ जोडक़र गिड़गिड़ाया कि जनहित में इस खाली जमीन को पार्किंग के लिए खोल दिया जाए। लेकिन बार-बार अवगत करवाने के बाद भी अफसरों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। ऐसा लगता है कि प्रशासन पूरी तरह बहरा हो चुका है।
बॉक्स
पार्किंग देती नहीं पुलिस, बस चालान काटने का बिजनेस चल रहा है
ईश्वर मान ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग जनता को सहूलियत देने की बजाय केवल अपनी जेबें भरने में लगा है। उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि पुलिस विभाग अपनी जमीन पर ताला लगाकर बैठा है, जहां लोग कूड़ा फेंक रहे हैं। अगर इसी जमीन को साफ करके जनता की गाडिय़ों के लिए खोल दिया जाए, तो आधे शहर को जाम से मुक्ति मिल जाएगी। पुलिस बिना पार्किंग व्यवस्था किए केवल चालान काटने में लगी रहती है। बैंक या दुकान में आने वाले आम लोग गाड़ी कहाँ खड़ी करें। जैसे ही कोई मजबूरी में सडक़ किनारे गाड़ी रोकता है, पुलिस तुरंत चालान थमा देती है। यह जनसेवा नहीं, बल्कि जनता को लूटने का जरिया बन चुका है।
बॉक्स
मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे कदम
पूर्व पार्षद ने हाथ जोडक़र और बेहद भावुक होकर कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत स्वार्थ की नहीं, बल्कि भिवानी के आम नागरिकों, व्यापारियों और दुकानदारों के हक की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तुरंत प्रभाव से इस खाली पड़ी एक एकड़ जमीन को अस्थाई या स्थाई पार्किंग के रूप में तब्दील नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा।